आदमपुर छावनी में मूलभूत सुविधाओं के बगैर नगर निगम ने 70 परिवारों को किया शिफ्ट, बिजली-पानी को तरसे रहवासी

आदमपुर छावनी में मूलभूत सुविधाओं के बगैर नगर निगम ने 70 परिवारों को किया शिफ्ट, बिजली-पानी को तरसे रहवासी
 आदमपुर छावनी में स्थित लैंडफिल साइट के पास नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत 70 मकानों का निर्माण किया गया है। लेकिन इसकी गुणवत्ता पर रहवासी सवाल उठा रहे हैं। इसकी वजह शिफ्टिंग से पहले ही इन मकानों की छत और फर्श का प्लास्टर उखड़ना है। इनकी दीवारों में भी दरारें आ गई हैं, जिससे इनके गिरने का डर भी बना हुआ है। वहीं बिना बिजली और पानी की व्यवस्था किए निगम द्वारा यहां हितग्राहियों को शिफ्ट करने से उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
बता दें कि आदमपुर छावनी से लगा हुआ गांव अर्जुन नगर है। यहां बीते 20 से 25 वर्षों से करीब 150 परिवार के लोग रहे रहे थे। लेकिन यह जमीन अब एनटीपीसी को आवंटित कर दी है। यहां एनटीपीसी सूखे कचरे से चारकोल बनाएगा। यहां के रहवासियों को अर्जुन नगर नई बस्ती में 70 मकान बनाकर शिफ्ट किया गया है। नगर निगम ने जल्दबाजी में लोगों की शिफ्टिंग तो कर दी, लेकिन पानी, बिजली समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन, यहां के रहवासियों को अब बिना बिजली के रात बितानी पड़ रही है। तो वहीं पीने के लिए आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
पानी के लिए बोरिंग, नहीं किया कनेक्शन

रहवासियों ने बताया कि यहां नगर निगम द्वारा पानी के लिए बोरिंग तो की गई है, लेकिन ना तो इसमें मोटर और पाइप डाला गया और ना ही नल कनेक्शन किया गया। ऐसे में खुले बोर के अंदर बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। रहवासी सुरेश बंजारा ने बताया कि यहां सड़क के किनारे नालियां बनाई गई हैं, लेकिन इनको कवर नहीं किया गया, जिससे रात के अंधेरे में पैर नाली में चला गया और गंभीर चोट आई।

Advertisement