265 रुपये की इस कीमत पर जेएफएसएल का मार्केट कैप करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये है। इस तरह यह देश की 33वीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसका मार्केट कैप एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ और इंडसइंड बैंक से ज्यादा है। साथ ही यह बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी एनबीएफसी बन गई है। पहले 10 दिन कंपनी का शेयर टी-ग्रुप में ट्रेड करेगा। इसका मतलब है कि स्टॉक में इंट्राडे ट्रेडिंग संभव नहीं होगी। साथ ही इसमें दोनों तरफ पांच परसेंट की सर्किट लिमिट होगी। जानकारों की मानें तो इससे स्टॉक में बड़ी तेजी पर रोक लगेगी। रिलायंस ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल बिजनस का अलग किया था। रिलायंस के शेयरहोल्डर्स को प्रत्येक शेयर पर जेएफएसएल का एक शेयर मिला था। हाल ही में रिलायंस के 36 लाख से अधिक शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट में जेएफएसएल के शेयर आए थे।
पहले ही दिन लोअर सर्किट 36 लाख निवेशकों को निराश कर मुकेश अंबानी का शेयर
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की एक और कंपनी आज शेयर मार्केट में लिस्ट हो गई। रिलायंस से हाल में अलग हुई कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Jio Financial Services) का 36 लाख से अधिक निवेशकों को निराश कर गया। यह लगभग फ्लैट कीमत पर लिस्ट हुआ और कुछ मिनट बाद ही इसने पांच परसेंट का लोअर सर्किट छू लिया। कंपनी का शेयर बीएसई पर 265 रुपये पर लिस्ट हुआ जबकि एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 262 रुपये पर हुई। 20 जुलाई को इस स्टॉक की प्री-लिस्टिंग कीमत 261.85 रुपये निकली थी। लिस्ट होने के कुछ ही देर बाद यह लोअर सर्किट पर चला गया। इस शेयर की लिस्टिंग 265 रुपये पर लिस्ट हुई और 10 बजकर तीन मिनट पर यह लोअर सर्किट छू गया। इसके लिए लोअर सर्किट पांच परसेंट यानी 251.75 रुपये तय किया गया था। ग्रे मार्केट में जेएफएसएल का शेयर 73 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा था। यानी मार्केट इसके 335 रुपये के आसपास लिस्ट होने की उम्मीद कर रहा था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी गिरावट दिख रही है। सुबह 10.15 बजे कंपनी का शेयर 1.5 परसेंट की तेजी के साथ 2518.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
क्या बिजनस करेगी कंपनी
JFSL के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन केवी कामत ने कहा कि जियो फाइनेंशियल ऐसा ग्रोथ मोमेंटम देगी जो भारत ने पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि देरी से एंट्री करने के कुछ फायदे हैं। आपके पास टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का फायदा है। जेएफएसएल फुल सर्विस फाइनेंशियल सेक्टर प्लेयर बनना चाहती है। ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक कंपनी में प्रमोटर्स की 45.08 परसेंट हिस्सेदारी है। इसमें म्यूचुअल फंड्स की 6.27 परसेंट और विदेशी संस्थाओं की 26.44 परसेंट हिस्सेदारी है। कंपनी ने लेंडिंग के साथ-साथ इंश्योरेंस, पेमेंट्स, डिजिटल ब्रोकिंग और एसेट मैनेजमेंट बिजनस में भी दिलचस्पी दिखाई है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में उतरने के लिए कंपनी ने दुनिया की सबसे एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के साथ जॉइंट वेंचर बनाया है। रिलायंस की एजीएम 28 अगस्त को होगी जिसमें मुकेश अंबानी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के रोडमैप का खुलासा किया जा सकता है।











