द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के साथ उसी इमारत में मौजूद थे, जिस पर अमेरिका-इजरायल का हमला हुआ। हमले से ठीक पहले वे परिसर से बाहर निकले थे। इसके तुरंत बाद उस जगह पर हमला हो गया। मोजतबा के इमारत से निकले और हमले के बीच सिर्फ कुछ सेकंड का फर्क रहा।
अल्लाह ने मोजतबा को बचा लिया: ईरानी अधिकारी
द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत के एक कथित ऑडियो का हवाला दिया है। इसमें वह उस हमले के बारे में बात कर रहे हैं, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई लोगों की जान गई। ईरानी अफसर कह रहे हैं कि मिसाइलों के कंपाउंड पर गिरने से कुछ ही पल पहले मोजतबा बाहर बगीचे में आए थे।खामेनेई दफ्तर के प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहिर हुसैनी ने कथित तौर पर ईरानी अधिकारियों को बताया कि अल्लाह की मर्जी थी कि मोजतबा किसी काम से बाहर निकल गए। मोजतबा के इमारत छोड़ते ही बैलिस्टिक मिसाइलें कंपाउंड से टकराईं। एक मिसाइल उस हिस्से पर गिरी, जहां अली खामेनेई थे। दूसरी मिसाइल ऊपर की मंजिल पर मोजतबा के आवास पर गिरी।
बहुत भयानक था इजरायल- अमेरिका का हमला
मजाहिर हुसैनी ने बताया कि मोजतबा इस हमले से बच तो गए लेकिन उनके पैर में मामूली चोट आई। लीक हुई रिकॉर्डिंग में इस हमले से हुई भयानक तबाही का जिक्र किया है। इस हमले में ईरान के मिलिट्री चीफ मोहम्मद शिराजी भी मारे गए। हुसैनी ने बताया है कि उनके शरीर के इतने टुकड़े हो गए थे कि बमुश्किल उनको पहचान कर दफनाया गया।रिपोर्ट के मुताबिक, हुसैनी ने यह भी बताया गया है कि इसी परिसर में मौजूद मोजतबा के जीजा मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी के घर को पर भी मिसाइल से हमला किया गया। यह मिसाइल इतनी जबरदस्त थी कि वह ऊपरी मंजिल से टकराई और घर के निचले हिस्से तक जा पहुंची। इसमें मोजतबा के जीजा की जान चली गई।











