दसवीं के सिलेबस में संविधान से मजाक, किताब से गायब हुए 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्द

दसवीं के सिलेबस में संविधान से मजाक, किताब से गायब हुए 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्द
हैदराबाद: तेलंगाना में दसवीं क्लास के सिलेबस में संविधान से जुड़ी बड़ी चूक देखने को मिली है, जिसको लेकर हंगामा मचा हुआ है। यहां स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (TS SCERT)की किताबों के कवर पर संविधान की प्रस्तावना से 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्द गायब हैं। यह ऐसे समय में एक बड़ी चूक है, जब कि पहले से ही धर्मनिरपेक्षता पर खतरा मंडरा रहा है। शिक्षकों ने जब इस कमी को देखने के बाद उजागर किया तो टीएससीईआरटी अधिकारियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

टीएससीईआरटी ने कहा गलती केवल कवर पेज पर

टीएससीईआरटी के सूत्रों ने इस बारे में बताया कि गलती केवल सामाजिक विज्ञान की किताबों के कवर में थी। अंदर के पन्नों में इस्तेमाल की गई जानकारी या किसी भी पाठ में ऐसी कोई छवि नहीं थी। हालांकि बड़ी बात यह है कि शिक्षा विभाग ने दोषपूर्ण छवि के साथ अंग्रेजी और तेलुगु दोनों ही माध्यमों में ऐसी करीब पांच लाख किताबें प्रसारित की हैं। इस पूरे मामले को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि गलती की जानकारी इतनी देर से हुई है कि उस पर काबू पाना बड़ी चुनौती है। टीएससीईआरटी के अधिकारियों ने कहा कि वे अगले साल छपने वाली नई किताबों में गलती सुधार लेंगे। एक अधिकारी ने कहा, 'पाठ्यपुस्तक की सॉफ्ट कॉपी, जो हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी, उसे तुरंत ठीक कर दिया जाएगा।'

शिक्षकों ने जताई नाराजगी

टीएससीआरईटी के निदेशक राधा रेड्डी से हमारे सहयोगी टीओआई का संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि टीएससीईआरटी की ओर से कहा गया कि यह चूक अनजाने में हुई थी, लेकिन इससे शिक्षक नाराज हो गए। पिछले 25 सालों से हाई स्कूल के छात्रों को सामाजिक अध्ययन पढ़ा रहे रवि शेखर प्रसाद पी ने कहा, 'इसका बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि जब भी वे अपनी पाठ्यपुस्तकें खोलते हैं तो उन्हें सबसे पहले कवर ही दिखता है। सरकारी शिक्षक के जंगैया, जो तेलंगाना यूनाइटेड टीचर्स फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने भी इसको लेकर अविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में जब दुनिया भर में चर्चा हो रही है कि धर्मनिरपेक्षता खतरे में है, तो ऐसी चूक पर कई सवाल खड़े होते हैं।'
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