खरीद सकते हैं 45-48% हिस्सेदारी
अब तक जिन व्यापक रूपरेखाओं पर सहमति बनी है, उसके अनुसार जिंदल के एमजी मोटर इंडिया में 45-48% हिस्सेदारी खरीदने की संभावना है। इसमें डीलरों और भारतीय कर्मचारियों के पास 5-8% हिस्सेदारी होगी। SAIC के पास बाकी हिस्सेदारी रहेगी। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
बन जाएगी भारतीय कंपनी
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने कहा, 'यह चीनी कंपनी से एक भारतीय कंपनी बन जाएगी।' इससे कंपनी के टॉप मैनेजमेंट और बोर्ड में भारतीयों की संख्या बढ़ेगी। भारत सरकार भी चाहती है कि देश में मौजूद चीनी कंपनियों में बहुसंख्यक हिस्सेदारी भारतीयों की हो। यही कारण है कि कई चीनी स्मार्टफोन कंपनियां भारत में अपना पार्टनर और इन्वेस्टर खोज रही हैं।मौजूदा वैल्यूएशन से काफी अधिक है आस्क
जिंदल और उनका बेटा पार्थ हाल ही में SAIC लीडरशिप से मिलने और सौदे पर चर्चा के लिए चीन गए थे। यह बातचीत कई महीनों से चल रही है। एमजी मोटर इंडिया की वैल्यूएशन 1.2 से 1.5 अरब डॉलर (9800 से 12,300 रुपये) होने का अनुमान है। यह 8 से 10 अरब डॉलर की ओरिजनल आस्क के आस-पास भी नहीं है।











