मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को दोपहर में भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार पहुंचे। उन्होंने जीएसटी सुधारों पर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से कहा कि आजादी के आंदोलन में स्वदेशी का भाव लेकर ही हमारे क्रांतिकारी लड़े थे। अब उसी स्वदेशी का भाव लेकर देश को आर्थिक समृद्धि की राह पर ले जाएं।
मुख्यमंत्री ने खुद जीएसटी की घटी दरों पर खादी का कुर्ता खरीदकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में छोटी से छोटी हर चीज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया होना चाहिए।
दुकानदार ने सीएम को दिया कच्चा बिल, जीएसटी भी गलत जोड़ा
सीएम ने पुराने भोपाल की राजेश टेक्सटाइल नामक दुकान से कपड़ा खरीदा, जहां दुकानदार ने उन्हें कच्चा बिल थमा दिया। बिल पर कपड़े की कीमत 2400 रुपए दिखाई गई। बताया जा रहा है कि पहले दुकानदार ने बिना जीएसटी लिखे ही बिल काट दिया था। सांसद ने टोका तो बिल पर नीचे सेंट्रल और स्टेट जीएसटी के 30-30 रुपए लिख दिए गए। हालांकि, कुल योग नहीं बदला। इस संबंध में दुकान मालिक राजेश मांगलिक से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क समाप्त करने की मांग
सीएम सबसे पहले भवानी चौक पहुंचे। उन्होंने कर्फ्यू वाली माता मंदिर में दर्शन किया। सीएम के साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी समेत स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। इस दौरान भोपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से भोपाल जिले में वाणिज्यिक लाइसेंस शुल्क समाप्त करने की मांग की।











