यही कारण है कि रोजगार के बढ़ते अवसरों के साथ-साथ मानेसर में अब रेजिडेंशियल यूनिट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। बेहतर सड़कों, औद्योगिक ढांचे और दिल्ली-एनसीआर से मजबूत कनेक्टिविटी के कारण यह इलाका निवेशकों और होम बायर्स के लिए आकर्षक बनता जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मानेसर में 500 एकड़ में एक बड़े एंटरटेनमेंट और एम्यूजमेंट कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव रखा है। यहां डिज्नीलैंड की तर्ज पर देश का पहला थीम पार्क बन सकता है। इन विकास योजनाओं के चलते आईएमटी मानेसर अब केवल औद्योगिक हब नहीं, बल्कि भविष्य का एक आधुनिक और संतुलित रिहायशी-व्यावसायिक केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
आवासीय हब तक का सफर
मानेसर अपनी शानदार लोकेशन की वजह से क्षेत्रीय स्तर पर बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर हाईवे), कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी रोड के बेहद करीब स्थित है। इसके कारण यहां से गुरुग्राम, दिल्ली और एनसीआर के अन्य हिस्सों तक आना-जाना आसान है। इसके अलावा, गुरुग्राम-मानेसर कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित मेट्रो से यह इलाका पूरे एनसीआर नेटवर्क से और भी बेहतर तरीके से जुड़ जाएगा।मानेसर में बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित हो रहा है और इसके साथ ही औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है। इससे आसपास रिहायशी परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। मानेसर में दिख रहा यह बदलाव गुरुग्राम की अन्य प्रमुख सड़कों जैसे द्वारका एक्सप्रेसवे, सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) और गोल्फ कोर्स रोड के विकास की याद दिलाता है। ये इलाके कभी शहर के बाहरी हिस्से माने जाते थे, लेकिन आज प्रीमियम और सबसे पसंदीदा रिहायशी क्षेत्र बन चुके हैं। उसी तरह मानेसर भी तेजी से एक उभरते हुए आवासीय केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।











