भगवान शिव सरल सत्य और निर्मल ह्रदय वालों को अपना आशीर्वाद देते हैं और कटुता भाव वाले भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाते हैं। ऐसा ही कुछ किस्सा हादसा महाकाल लोग उज्जैन में दिखाई दिया जिससे स्पष्ट पता प्रतीत होता है कि महादेव रूष्ठ हैं नाराज हैं। *महादेव के चमत्कार से जरा सी तेज हवा के आंधी आई और फिलहाल में हुए निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार एवं ढिलाई की पोल खुल गई।* वहां जो मूर्तियां मार्बल ग्रेनाइट या धातु की लगना थी उसकी जगह कुछ फाइबर की मूर्तियां लगाई गई और दूसरी अन्य कई मूर्तियां अपनी जगह से उखड़ गई उनमें कई दरारे भी आ गई अभी तो सिर्फ मूर्तियों में हुए घपला दिखा है आगे कई विकास कार्य के घपले भी सामने दिखेंगे। ज्ञात रहे करीब 840 करोड रुपए खर्च हुए हैं जो कि एक भरपूर राशि है पूरा परिसर मार्बल का बनाने के लिए।
महादेव की कृपा है ऐसे ही भ्रष्टाचारियों को सबक मिलता रहे। *रिटायर्ड जजों की पैनल और वरिष्ठ सिविल इंजीनियर एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा इस पूरे कांड में हुए घपले की जांच होना चाहिए।*
यह एक धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है विश्व के बाहुबली प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन किया और प्रांतीय मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई थी इसलिए इसमें अनियमितता और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं होना चाहिए।
अशोक मेहता, इंदौर (पत्रकार, इंजीनियर एवं पर्यावरणविद्)











