*देखो ओ दीवानो* यह काम ना करो...... साल की बिदाई और नए साल की अगुवाई

*देखो ओ दीवानो* यह काम ना करो...... साल की बिदाई और नए साल की अगुवाई
साल कितना भी अच्छा बुरा खराब बीता हो परंतु उसकी बिदाई 31st नाइट के रूप में बहुत धूमधाम से कुछ जिसमें अधिकतर युवा पीढ़ी के लोग मनाते हैं। मस्त पार्टी चलती है शोर शराबा डांस शराब डिनर और भी जाने क्या-क्या। और थके थके या मदहोशी में लस्त होकर सोते हैं और सुबह नहीं दोपहर दूसरे दिन नए साल की अगुवाई बड़े ही अलसाये मन से करते हैं, ना दिमाग मैं ताजगी और ना ही शरीर में ताजगी।
लेकिन कुछ लोग वर्ष के आखिरी दिन बड़ा अच्छे से शाम को भोजन करते हैं परिवार के साथ रहते हैं और समय रहते सोते हैं और नए वर्ष की अगुवाई सूर्योदय के साथ करते हैं उस वक्त के वातावरण की ताजगी व्यक्ति के शरीर और दिमाग में ताजगी भर देता है और बड़ा आनंदित वातावरण और उत्साहित जीवन का सोच बनता है।
 *31st नाइट के बजाय,वेलकम 1st जनवरी सूर्योदय के बाद मनाया जाय तो कितना सुंदर और अलौकिक रहेगा।* 
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)
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