इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 90 हजार करोड़ रुपये से कम रह गया है। लेंसकार्ट का आईपीओ पिछले साल नवंबर में आया था। यह 31 अक्तूबर को खुला था और 4 नवंबर को बंद हुआ था। इसका इश्यू प्राइस 402 रुपये था और यह 28.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 10 नवंबर को हुई थी। इस साल इसकी कीमत में 17.58 फीसदी तेजी आई है जबकि पिछले छह महीने में यह 27.91% चढ़ा है।
कंपनी ने माफी मांगी
इस बीच कंपनी ने एक कथित आंतरिक ग्रूमिंग दस्तावेज को लेकर सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने नया ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए वह अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रही है।नई नीति में टीम के सदस्यों द्वारा आस्था से जुड़े सभी प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को स्वीकार किया गया है।
कंपनी ने कहा, 'यदि हमारे कार्यस्थल से जुड़े किसी भी संचार से किसी को ठेस पहुंची हो या ऐसा महसूस हुआ हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।'
कंपनी ने कहा, 'यदि हमारे कार्यस्थल से जुड़े किसी भी संचार से किसी को ठेस पहुंची हो या ऐसा महसूस हुआ हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।'











