चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग में खुर्जा के साइंटिस्ट विनोद की भूमिका, बनाया है लैंडर विक्रम का कंट्रोल सिस्टम

चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग में खुर्जा के साइंटिस्ट विनोद की भूमिका, बनाया है लैंडर विक्रम का कंट्रोल सिस्टम
बुलंदशहर: चंद्रयान 3 मिशन (Chandrayaan 3 Mission) की चांद पर सफल लैंडिंग से खुर्जा के भींडोर गांव में खुशी का माहौल है। यहां के रहने वाले वैज्ञानिक विनोद कौशिक ने मिशन के लैंडर विक्रम (Lander Vikram) की गति को नियंत्रण में रखने वाला कंट्रोल सिस्टम बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। वह इसरो में स्पेस नेविगेशन सिस्टम के डायरेक्टर हैं। कुरुक्षेत्र विवि से एमटेक करने के बाद वह एयरफोर्स में बतौर एयरमैन तैनात रहे। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे। इसके बाद वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) से जुड़ गए, उनके पिता देवी लाल किसान हैं। भींडोर गांव में रहने वाले विनोद कौशिक के चाचा के बेटे रोशन और वीरेंद्र ने बताया कि विनोद बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली छात्र रहे हैं।

इसरो में विनोद कौशिक का मुख्य काम सेटेलाइन डिजाइन करना और उनका कंट्रोल सिस्टम बनाने का है। उन्होंने बताया कि 1997 में इसरो जॉइन किया था। यहीं काम करते हुए उन्होंने आईआईटी मुंबई से गाइडेंस नेविगेशन ऑफ कंट्रोल विषय पर पीएचडी की। चंद्रयान 3 मिशन के दौरान पूरी-पूरी रात जगे रहे और लगातार काम किया।

अब तक 36 सैटेलाइट डिजाइन किए

चंद्रयान लैंडिंग के दौरान थोड़ी देर पहले दिल धक-धक करने लगा था और जैसे ही सफल लैंडिंग हो गई खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब तक वह 36 सैटेलाइट डिजाइन कर चुके हैं। विनोद ने बताया कि आज प्रधानमंत्री से मिलने का समय मिला है। विनोद की चाची शांति देवी ने बताया कि समय-समय पर उनका पूरा परिवार गांव आता रहता है। सबसे बड़ी खुशी है कि उन्होंने इसरो में रहकर बड़ा काम किया है।

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