फ्यूचर एंटरप्राइजेज पर 11,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। एनसीएलटी ने इसे 27 फरवरी को इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग के लिए एडमिट किया गया था। कंपनी के एक क्रेडिटर ने इस बारे में एनसीएलटी में याचिका डाली थी। उसका कहना था कि कंपनी ने उसके कर्ज का पेमेंट में डिफॉल्ट किया है। फ्यूचर एंटरप्राइजेज की फ्यूचर ग्रुप की लाइफ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में हिस्सेदारी है। किशोर बियाणी ने 2006 में इटली की जेनेरली ग्रुप के साथ जॉइंट वेंचर बनाया था। क्रेडिटर्स को उम्मीद है कि उन्हें फ्यूचर एंटरप्राइजेज के लिए अच्छी कीमत मिल सकती है। इस बारे में जिंदल इंडिया, रिलांयस रिटेल और फ्यूचर एंटरप्राइजेज के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने ईटी के सवालों का जवाब नहीं दिया।
क्या होगा फायदा
फ्यूचर ग्रुप की एक और कंपनी फ्यूचर रिटेल भी इनसॉल्वेंसी की प्रोसेस से गुजर रही है। लेकिन इसके लिए केवल स्क्रैप डीलरों ने ही बोली लगाई है और क्रेडिटर्स को भारी चपत लगने की आशंका है। डेटा के मुताबिक बैंकों का इस कंपनी पर 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके लिए गुरुग्राम के एक ऑनलाइन स्क्रैप डीलर ने 550 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई है। लेकिन फ्यूचर एंटरप्राइजेज के लिए बेहतर बोली की उम्मीद की जा रही है।इसकी वजह यह है कि बोली जीतने वाली कंपनी को फ्यूचर जेनेरली की जनरल इंश्योरेंस कपनी में 25.5 परसेंट और लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में करीब नौ फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी। पिछले साल मई में जनरल इंश्योरेंस कंपनी की वैल्यू 5,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। तब जेनेरली ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 49% से बढ़ाकर 74% कर दी थी। इटली की कंपनी ने अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1,267 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।











