आईडीएफ के अनुसार, उसके ड्रोन हमले के टारगेट पर ईरानी सेना और शासन के विमान शामिल थे। इनमें एफ-14 और एफ-5 लड़ाकू विमान और एएच-1 हेलीकॉप्टर शामिल थे। एक हवाई ईंधन भरने वाले विमान को भी निशाना बनाया गया। हमलों में रनवे, भूमिगत हैंगर और अतिरिक्त बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। आईडीएफ ने ड्रोन का इस्तेमाल इजरायली अभियानों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले विमानों को निष्क्रिय करने के लिए किया।
टेकऑफ नहीं कर पा रहे ईरानी जेट!
आईडीएफ ने अपने बयान में कहा कि उसके ड्रोन हमलों ने ईरानी हवाई अड्डों पर टेकऑफ़ क्षमताओं को बाधित कर दिया है। इससे ईरानी सेना की हवाई संचालन शुरू करने में परेशानी आ रही है। आईडीएफ ने दावा किया है ईरान पर उसके इस ताजा ड्रोन हमले ने तेहरान की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि छह हवाई अड्डों पर हमले से उसकी एयरफोर्स की कमर टूट गई है।ईरान और इजरायल के बीच बीते दस दिन से लड़ाई चल रही है। दोनों देशों ने सोमवार को ग्यारहवें दिन भी एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हैं। इस लड़ाई की शुरुआत 13 जून को हुई थी, जब इजरायल ने ईरान पर भीषण हमला करते हुए उसके कई सैन्य अफसरों और परमाणु वैज्ञानिकों को मार डाला था। इसके बाद ईरान ने भी इजरायल के प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं।











