एला वावेया की अरबी-भाषा के प्रवक्ता पद पर नियुक्ति को आईडीएफ के सीनियर कर्मियों की समीक्षा के दौरान मंजूरी दी गई थी। इजरायल सेना के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संचार पदों में से एक पर वावेया की नियुक्ति अहम है। अरबी भाषा का प्रवक्ता इजरायल सेना का मैसेज अरब मीडिया आउटलेट और पूरे पश्चिम एशिया में अरबी बोलने वाले लोगों तक पहुंचाता है। ऐसे में एला की नियुक्ति दुनिया का ध्यान खींच रही हैं।
2013 में हुआ सेना से जुड़ाव
36 साल की वावेया का जन्म मध्य इजरायली शहर कलान्सवा में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उन्होंने 2013 में परिवार से छुपाकर सेना के लिए वॉलंटियर के तौर पर शुरुआत की। इसके बाद वह तेजी से आगे बढ़ीं और आईडीएफ प्रवक्ता इकाई में अधिकारी बनने वाली पहली मुस्लिम अरब महिला बनीं। इजरायली सेना में अरब नागरिकों और मुस्लिमों के शामिल होने का चलन नहीं रहा है।अपने करियर की शुरुआत एक नए मीडिया नॉन-कमीशंड अधिकारी के रूप में करने के बाद वावेया ने 2015 में IDF के अधिकारियों के कोर्स में भाग लिया, जहां उन्हें राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक मिला। बाद में वह प्रवक्ता इकाई में लौट आईं और अरबी संचार शाखा में लगातार आगे बढ़ते हुए इसकी डिप्टी हेड बन गईं। अब वह इस इकाई के शीर्ष पर पहुंच गई हैं, जो एक रिकॉर्ड है।











