इजराइल ने हमास जंग पर अमेरिकी मीडिया में विज्ञापन दिया : लिखा हमास ने हथियार डाले तो जंग रुकेगी; इजराइल पीछे हटा तो मिट जाएगा

इजराइल ने हमास जंग पर अमेरिकी मीडिया में विज्ञापन दिया : लिखा हमास ने हथियार डाले तो जंग रुकेगी; इजराइल पीछे हटा तो मिट जाएगा

इजराइल-हमास जंग शुरू हुए करीब साढ़े 4 महीने बीत चुके हैं। इस बीच इजराइल ने दुनियाभर में जंग को लेकर अपना पक्ष रखने के लिए पब्लिक डिप्लोमैसी कैंपेन की शुरुआत की है। इसके तहत इजराइल के प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने अमेरिकी मीडिया 'द वॉशिंगटन पोस्ट' और 'द हिल' में फुल पेज विज्ञापन दिया है।

विज्ञापन में लिखा है- "अगर हमास हथियार डाल दे तो युद्ध नहीं होगा, लेकिन अगर इजराइल ने हथियार डाल दिए तो इजराइल ही खत्म हो जाएगा।" इसके अलावा इस ऐड में हमास की स्थापना के वक्त उसके चार्टर के आर्टिकल 7 से भी एक कोटेशन लिखा गया है।

इसमें कहा है- "जब तक मुस्लिम यहूदियों से लड़कर उन्हें मिटा नहीं देते, तब तक कयामत का दिन नहीं आएगा। कयामत के वक्त यहूदी पत्थरों और पेड़ों के पीछे छिपने की कोशिश करेंगे, लेकिन तब उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा।"

इजराइल ने देश की पहली महिला PM गोल्डा मेयर की कोटेशन से विज्ञापन का स्लोगन लिया
इजराइल ने विज्ञापन का मेन स्लोगन देश की पहली महिला प्रधानमंत्री गोल्डा मेयर की कोट से लिया गया है। गोल्डा ने कहा था- अगर अरब हथियार डाल दे तो हिंसा नहीं होगी, लेकिन अगर यहूदियों ने हथियार डाल दिया तो इजराइल ही नहीं होगा।

दुनिया में अपना पक्ष रखने के लिए इजराइल क्या कर रहा

1. हमास के हमले की रिपोर्ट शेयर करेगा
इजराइल का विदेश मंत्रालय दुनियाभर में 7 अक्टूबर को हमास के हमले और उसके अत्याचार की एक रिपोर्ट साझा करेगा। विदेश मंत्री इजराइल काट्ज ने इस रिपोर्ट को हिब्रू से दूसरी भाषाओं में ट्रांसलेट करने का आदेश दिया है। इसके बाद इसे इजराइली दूतावासों के जरिए दुनियाभर में बांटा जाएगा।

काट्ज के मुताबिक, यह हमास के अत्याचारों से जुड़ी अब तक की सबसे डीटेल्ड रिपोर्ट है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुए रेप जैसे गंभीर अपराधों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में हमास के खिलाफ कई सबूत भी दिखाए गए हैं। साथ ही पीड़ितों और चश्मदीदों के इंटरव्यू भी शामिल किए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर को हमास ने इजराइली महिलाओं के परिजन, दोस्तों और बच्चों के सामने उनका रेप किया था। इसके बाद भी लोगों में डर बढ़ाने के लिए उनके साथ मारपीट की गई।

2. पीड़ित अलग-अलग देशों की संसदों में इजराइल का पक्ष रखेंगे
इजराइली मीडिया यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, जंग खत्म करने के लिए बढ़ते दबाव के बीच इजराइल के पीड़ित नागरिक और परिवार अलग-अलग देशों की संसद में आपबीती बताएंगे। इसके जरिए वो दुनिया के सामने इजराइल का पक्ष रखने की कोशिश कर रहे हैं।

UNSC में सीजफायर के लिए लगातार मांग उठ रही
दरअसल, जंग शुरू होने के बाद अमेरिका में लॉस एंजिल्स, शिकागो, मिशिगन और फ्लोरिडा से लेकर न्यूयॉर्क और राष्ट्रपति बाइडेन के चुनाव कैंपेन तक में फिलिस्तीनियों के समर्थन में प्रदर्शन हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कई बार गाजा में सीजफायर के पक्ष में प्रस्ताव लाया जा चुका है।

इसके अलावा, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, अमेरिका सहित दुनियाभर में फिलिस्तीनियों की मदद और मानवीय कारणों का हवाला देते हुए जंग खत्म करने की मांग उठ रही है। UN के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस सार्वजनिक मंचों पर भी कई बार इजराइल के हमलों को गलत ठहरा चुके हैं।


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