कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है
मुझे अमेरिका से डील की जानकारी नहीं
शहाबुद्दीन ने इंटरव्यू में साफ कहा कि उनको चुनाव से पहले अमेरिका के साथ हुए समझौते के बारे में कुछ नहीं पता है। उन्होंने कहा, 'मुझे डील की जानकारी मुझे दी जानी चाहिए थी। पिछले सभी राष्ट्राध्यक्षों ने राष्ट्रपति को सूचित किया था क्योंकि यह एक संवैधानिक दायित्व है लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने मुझे ना मौखिक रूप से सूचित किया गया और ना ही लिखित रूप में। यूनुस मुझसे मिलने ही नहीं आए।'यूनुस की डील पर सिर्फ राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ही बयान नहीं दिया है। बांग्लादेश की नई बनी सरकार भी इसको लेकर मुतमईन नहीं दिख रही है। तारिक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि बांग्लादेश अमेरिका के साथ की गई ट्रेड ट्रेड डील की समीक्षा करेगा। बांग्लादेश की नई सरकार इस डील में बदलाव कर सकती है।यूनुस के तरीके पर सवाल
अगस्त, 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के चलते उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। बांग्लादेश के प्रेसिडेंट मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस के तौर-तरीकों की कड़ी आलोचना की है। शहाबुद्दीन ने कहा है कि अंतरिम सरकार के हेड के तौर पर यूनुस ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं।बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।











