एनालिस्ट को उम्मीद थी कि सेलो वर्ल्ड आईपीओ की लिस्टिंग पर निवेशकों को 22 से 25 फीसदी तक का मुनाफा हो सकता है। सेलो वर्ल्ड का इश्यू अंतिम दिन करीब 42 गुना भरकर बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 108.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल का हिस्सा 24.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। बता दें कि कंपनी IPO के जरिए 1900 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें प्रमोटरों यानी राठौड़ परिवार की ओर से पेश किए गए ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) शेयर ही शामिल है। इसलिए, आईपीओ खर्चों को छोड़कर पूरी इनकम प्रमोटरों को प्राप्त होगी।
ओपनिंग से पहले जुटाए थे 567 करोड़
ओपनिंग डेट से पहले 27 नवंबर को सेलो वर्ल्ड ने एंकर इन्वेस्टर्स के जरिए 567 करोड़ रुपये जुटाए थे। मॉर्गन स्टेनली, नोमुरा, गोल्डमैन सैक्स, एचएसबीसी, फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, आदित्य बिड़ला सन लाइफ ट्रस्टी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस एंकर बुकिंग में शामिल हुई थीं। बता दें कि 30 अक्टूबर को खुले आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 617-648 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।
क्या करती है कंपनी
Cello World कंज्युमर प्रोडक्ट्स बनाने वाली देश की फेमस कंपनी है, जोकि राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स और स्टेशनरी, मोल्डेड फर्नीचर, कंज्युमर हाउसवेयर और संबधित प्रोडक्ट्स बनाने के कारोबार से जुड़ी हुई है. इस सेक्टर में कारोबार का 60 साल का अनुभव है. देश के 5 अलग-अलग लोकेशन पर कंपनी के 13 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं.











