सिंधु जल संधि, आतंकवाद, जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, संबोधन की 5 बड़ी बातें

सिंधु जल संधि, आतंकवाद, जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, संबोधन की 5 बड़ी बातें
न्यूयॉर्क: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। जयशंकर ने शहबाज शरीफ के प्रोपेगैंडा का जवाब देते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने वाला देश बताया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसी मंच से एक दिन पहले कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था। शरीफ ने पाकिस्तान का पानी रोकने पर भारत को युद्ध की गीदड़भभकी दी थी। जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना शहबाज शरीफ को जवाब दिया।

आतंकवाद पर पाकिस्तान को चेतावनी

जयशंकर ने कहा, आतंकवाद को सामान्य बनाने और इसके परिणामों से छूट का दावा करने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और भारत अपनी रक्षा करने के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए आतंकवाद को रोकना जरूरी है। जयशंकर ने कहा, आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने वाले एक देश ने इस सभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। आतंकवाद को सामान्य बनाने और उसके नतीजों से बचने की कोशिश करने के तर्क दिए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और भारत आतंकवाद के खिलाफ खुद को बचाव करने के अधिकार का प्रयोग करेगा।

सिंधु जल संधि पर धमकी का जवाब

जयशंकर ने शहबाज शरीफ को सिंधु जल संधि को लेकर धमकी का भी जवाब दिया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को आपसी रिश्तों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के साथ दोस्ती और सद्भावना नहीं चल सकती। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे रिश्तों पर आधारित समझ पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे। आतंकवाद फैलाने वालों को अपना रवैया बदलना होगा।

भारत ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद नहीं खत्म करता तब तक रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। बीते साल अप्रैल में सिंधु जल संधि को निलंबित करते समय भारत ने कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। भारत ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देकर पाकिस्तान ने उस सद्भावना को तोड़ दिया है जिस पर सिंधु जल संधि टिकी थी।

जहाजों और नाविकों पर हमले अस्वीकार्य

जयशंकर ने खाड़ी में जारी संघर्ष पर चिंता जताई और कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। जयशंकर ने कहा, “खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमले हुए हैं। लाल सागर से लेकर काला सागर तक भी ऐसे हमले हुए हैं। भारतीय नाविकों की जान गई है और अन्य देशों के नाविकों ने भी अपनी जान गंवाई है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

ईरान से यूक्रेन तक अंतहीन युद्ध के अंत की कही बात

भारत ने खाड़ी क्षेत्र में अशांति पर चिंता जताने के साथ यूक्रेन में संघर्ष को भी ‘‘समान रूप से चिंताजनक’’ बताते हुए शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं से कहा कि ‘‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जिससे पहले से ही मुश्किल हालात और बिगड़ रहे हैं। जारी तनाव को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।’’ इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन में संघर्ष को ‘‘समान रूप से चिंताजनक’’ बताया। जयशंकर ने अगस्त में बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।’’

फिलिस्तीन के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन

उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा पर भी चिंता जताई। जयशंकर ने इजराइल-फिलस्तीन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में भी तनाव और हिंसा दुर्भाग्य से जारी है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी और दीर्घकालिक शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान जरूरी है।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘इस बीच, भारत फिलस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है।’’
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