सऊदी किंगडम पर तीखे शब्दों में बोलते हुए हूती प्रमुख ने दावा किया कि मक्का और पवित्र काबा इस वक्त 'सऊदी कब्जे' में हैं और उनका संगठन सऊदी शासकों की तुलना में इन पवित्र स्थलों के प्रति कहीं ज्यादा वफादार है। रियाद में जारी सैन्य बैठकों और सुरक्षा गठबंधनों के बीच हूती प्रमुख के आए इस बयान ने पूरे इस्लामिक जगत और पश्चिम एशिया की राजनीति में नई खलबली मचा दी है।
हूतियों के मुखिया अब्दुल-मलिक ने क्या कहा?
अब्दुल-मलिक ने जो वीडियो बयान जारी किया है उसमें वो कह रहे हैं 'हम मक्का को सऊदी के अधीन नहीं मानते हैं। हम इसे एक इस्लामिक धरोहर मानते हैं जो हर एक मुसलमान का है और इसमें कोई शर्त नहीं है। सऊदी अरब को यहां कोई विशेषाधिकार नहीं है और वो मक्का के पीछे छिप नहीं सकते हैं जब वो मुस्लिमों के साथ अलग अलग झगड़ों पर झड़प करेंगे। अपने राजनीतिक सिस्टम के तहत सऊदी ने अमेरिका, इजरायल, जायोनिस्ट और ब्रिटेन के साथ संबंध बनाए।'उन्होंने आगे कहा 'हम (हूती) मक्का और काबा को लेकर ज्यादा वफादार हैं और इसकी सुरक्षा के ऐसे गठबंधनों से ज्यादा तैयार हैं।' अब्दुल-मलिक वीडियो में कह रहे हैं 'मक्का को हथियाने के बाद सऊदी ने यहां कई घिनौने अपराध किए हैं और वो इतिहास में दर्ज है। लोग किताबों में उसके बारे में पढ़ सकते हैं। फिर से देखिए मक्का पर कब्जा करने के बाद सऊदी ने क्या सब किए हैं। उन्होंने यहां पर नरसंहार किए हैं। सारी बातें किताबों में दर्ज हैं। हमारा मानना है कि सऊदी ने घिनौने तरीके से मक्का का शोषण किया है और ये पवित्रा इस्लामिक जगहों के लिए हानिकारक है।'
