'कश्मीर की बात करनी है तो PoK की करो', भारत ने UNGA में शहबाज को दिया करारा जवाब, पाकिस्तान का दिखाया आतंकी चेहरा

'कश्मीर की बात करनी है तो PoK की करो', भारत ने UNGA में शहबाज को दिया करारा जवाब, पाकिस्तान का दिखाया आतंकी चेहरा
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने शहबाज शरीफ के प्रोपेगैंडा को खारिज करते हुए करारा जवाब दिया है। भारत ने शहबाज शरीफ के भाषण के खिलाफ जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी का जिक्र करते हुए पाकिस्तान का आतंकी चेहरा बेनकाब कर दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा, "आज दोपहर महासभा में पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं। यह घटना (शरीफ का संबोधन) न्यूयॉर्क शहर और दुनिया द्वारा 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है।"

पाकिस्तान का आतंकी चेहरा बेनकाब

भारतीय प्रतिनिधि ने आगे कहा कि 9/11 के संदर्भ को ध्यान में रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि "इसका मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के दरवाजे पर रह रहा था। यह वही संस्था थी जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना सिर झुकाया।" वे शहबाज शरीफ के भाषण के उस हिस्से का जिक्र रही थीं, जिसमें उन्होंने आर्मी चीफ असीम मुनीर की जमकर तारीफ की थी।

कश्मीर पर पाकिस्तान को करारा जवाब

गहलोत ने UNGA के मंच से कश्मीर का राग अलापने पर शहबाज को करारा जवाब दिया और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर इस्लामाबाद को घेरा। उन्होंने कहा, भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया गया। यह मेरे देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा। लेकिन हमें कश्मीर के बारे में बात करनी ही है तो आइए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर ध्यान दें।
गहलोत ने PoK में हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया और उसे दबाने के लिए पाकिस्तान के दमनपूर्ण तरीकों की आलोचना की। उन्होंने कहा, रावलकोट के लोगों से उन बेमतलब की हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित रखे जाने के बारे में पूछिए, जिन्हें वे लंबे समय से झेल रहे हैं।

धार्मिक अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान को घेरा

पेटल गहलोत ने भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर दिए गए शहबाज के बयान पर भी पाकिस्तान को आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि "हमने जो विचार सुने हैं, वे ऐसे लोगों की तरफ से आए हैं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है। वे दिन में सुरक्षा बनाए रखने का दावा करते हैं, असल में वे रात में आतंकवाद फैलाते हैं।"

UN में भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि "इस असेंबली में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में ऐसी सरकार ने बातें कही हैं, जिसका मुख्य आधार ही ईशनिंदा कानून है। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।"
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