पटना में पार्षद पति पर अंधाधुंध फायरिंग से हड़कंप, बाइक सवार बदमाशों ने मारी 5 गोलियां

पटना में पार्षद पति पर अंधाधुंध फायरिंग से हड़कंप, बाइक सवार बदमाशों ने मारी 5 गोलियां
पटना : बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर से बेखौफ अपराधियों का तांडव देखने को मिला है। सोमवार सुबह पटना के दीघा इलाके में पार्षद पति पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है। बाइक सवार बदमाशों ने नीलेश यादव उर्फ नीलेश मुखिया पर अंधाधुंध 5 गोलियां दागीं। गंभीर हालत में नीलेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि कुर्जी इलाके में नीलेश मुखिया का काफी दबदबा है। हाल में ही मरीन ड्राइव पर लगने वाली दुकानों से वसूली का आरोप नीलेश मुखिया पर लगा था। जिसमें मारपीट का भी मामला सामने आया था।

ऐसे दिया गया घटना को अंजाम

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह दो बाइक पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने नीलेश मुखिया पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस घटना में उन्हें 5 गोलियां लगीं। घटना को अंजाम देकर चारों बाइक सवार मौके से फरार हो गए। नीलेश मुखिया की पत्नी सुचित्रा सिंह वार्ड 22-बी से पार्षद हैं। नीलेश मुखिया खुद वार्ड पार्षद रह चुके हैं। अब उनकी पत्नी इसी पद पर हैं। पाटलीपुत्रा कॉलोनी के P&M मॉल स्थित गली में उनका घर है।

रंगदारी मांगने का लग रहा आरोप

हाल में ही मरीन ड्राइव पर लगने वाली दुकानों से वसूली का आरोप नीलेश मुखिया पर लग रहा है। उन पर मारपीट का मुकदमा भी दर्ज है। इस मामले में दीघा पुलिस ने नीलेश मुखिया पर एफआईआर भी दर्ज की है। इससे पहले निलेश मुखिया पर शराब के अवैध धंधे का भी आरोप लगा है। शराब के अवैध धंधे का आरोप नवंबर 2021 में लगा था। उस वक्त पुलिस की ओर से पॉलसन रोड के गोदाम में छापेमारी की गई थी जहां शराब पार्टी चल रही थी।

बताया जा रहा कि इस छापेमारी के दौरान नीलेश और उसके साथी फरार हो गए थे। पुलिस को गोदाम से शराब स्टॉक करने और सप्लाई करने के सबूत मिले थे। जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

क्या है ताजा अपडेट

फिलहाल गोलीबारी की घटना में घायल नीलेश मुखिया कुर्जी अस्पताल में भर्ती हैं। माना जा रहा कि वसूली को लेकर आपसी रंजिश में उनको निशाना बनाया गया है। दरअसल मरीन ड्राइव पर हजारों की संख्या में इस वक्त दुकानें लगाई जा रही हैं। जिस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। मरीन ड्राइव या गंगा पथ का अतिक्रमण कर यहां दुकानें ताकत के दम पर लगवाई जा रही। जिसका नतीजा है कि अब वसूली को लेकर अपराधिक घटनाएं घटती नजर आ रही।
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