भारतीय-अमेरिकी सांख्यिकीविद् सीआर राव का निधन, गणित में मिला था नोबेल पुरस्कार

भारतीय-अमेरिकी सांख्यिकीविद् सीआर राव का निधन, गणित में मिला था नोबेल पुरस्कार
हैदराबाद: महान गणित और सांख्यिकी प्रोफेसर कल्यम्पुडी राधाकृष्ण राव का निधन हो गया। कल्यम्पुडी राधाकृष्ण राव को लोग सीआर राव के नाम से जानते थे। बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांसे लीं। सीआर राव 102 वर्ष के थे और अमेरिका में रह रहे थे। सीआर राव का जन्म हडगली, बेल्लारी, मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ था। उसे अब कर्नाटक के नाम से जाना जाता है। वह एक तेलुगु परिवार में जन्मे थे। वह 10 सितंबर को 103 वर्ष के होने वाले थे। उनके निधन पर शोक की लहर दौड़ पड़ी। लोगों ने कहा कि हमने न केवल महानतम सांख्यिकीविदों में से एक को खो दिया है, बल्कि एक महान व्यक्ति को भी खो दिया है।

सीआर राव का पढ़ाई से बहुत लगाव था। उनकी स्कूली शिक्षा गुडूर, नुजविद, नंदीगामा और विशाखापत्तनम में पूरी हुई। स्कूलिंग के बाद उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय से गणित विषय में एमएससी की। 1943 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में पोस्ट ग्रैजुएशन की डिग्री प्राप्त की।

नोबेल पुरस्कार का सम्मान

सीआर राव ने 1948 में आरए फिशर के तहत कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1965 में कैम्ब्रिज से डीएससी की डिग्री भी प्राप्त की। भारतीय अमेरिकी सांख्यिकीविद को हाल ही में सांख्यिकी में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जो नोबेल पुरस्कार के बराबर है।

सीआर राव के कई बड़े काम

इस विषय के सबसे प्रतिष्ठित प्रतिपादक, कल्याणपुडी राधाकृष्ण राव का सांख्यिकी की कई शाखाओं और इसके अनुप्रयोगों में स्मारकीय कार्य उल्लेखनीय है। सी. आर. राव एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स एंड कंप्यूटर साइंस की स्थापना हैदराबाद विश्वविद्यालय के परिसर में उनके नाम पर की गई थी। उन्होंने 19 देशों से 39 डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की और 477 शोध पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने 15 पुस्तकें लिखी थीं।

नोबेल पुरस्कार का सम्मान

सीआर राव ने 1948 में आरए फिशर के तहत कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1965 में कैम्ब्रिज से डीएससी की डिग्री भी प्राप्त की। भारतीय अमेरिकी सांख्यिकीविद को हाल ही में सांख्यिकी में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जो नोबेल पुरस्कार के बराबर है।

सीआर राव के कई बड़े काम

इस विषय के सबसे प्रतिष्ठित प्रतिपादक, कल्याणपुडी राधाकृष्ण राव का सांख्यिकी की कई शाखाओं और इसके अनुप्रयोगों में स्मारकीय कार्य उल्लेखनीय है। सी. आर. राव एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स एंड कंप्यूटर साइंस की स्थापना हैदराबाद विश्वविद्यालय के परिसर में उनके नाम पर की गई थी। उन्होंने 19 देशों से 39 डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की और 477 शोध पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने 15 पुस्तकें लिखी थीं।

पद्मभूषण और पद्म विभूषण भी मिला

सीआर राव को भारत सरकार ने 1968 में पद्मभूषण और 2001 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। इसके अलावा सीआर राव को एसएस बटनगर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वर्ष 2002 में देश के सर्वोच्च पुरस्कार 'राष्ट्रीय विज्ञान पदक' प्रदान किया था।

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