इस गोल में मददगार की भूमिका निभाने वाले छांगते ने 66वें मिनट में टीम की बढ़त को दोगुना कर मैदान में भरे दर्शकों को झूमने का मौका दिया तो वहीं विश्व रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज टीम को सन्न कर दिया। विश्व रैंकिंग में 101वें स्थान पर काबिज भारत ने दूसरी बार इस टूर्नामेंट को अपने नाम किया है। टीम ने 2018 में इसके शुरुआती सत्र के फाइनल में कीनिया को हराकर चैम्पियन बनीं थी जबकि 2019 उत्तर कोरिया ने खिताब जीता था और भारत चौथे और आखिरी स्थान पर रहा था।
उमस भरी गर्मी में दोनों टीमों के पास शुरुआती हाफ में बढ़त बनाने का मौका था लेकिन वे इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। यह हाफ उसी तरह था जैसा की दोनों टीमों ने दो दिन पहले राउंड रोबिन चरण के आखिरी मैच को बिना कोई गोल दागे ड्रॉ खेला था। इस दौरान भारत ने गेंद को अधिक समय तक अपने पास रखने पर ध्यान दिया तो वही लेबनान का जोर आक्रमण करने पर था। लेबनान ने भारतीय गोल पोस्ट की तरफ सात बार हमले किए तो वही गेंद को 58 प्रतिशत समय तब अपने नियंत्रण में रखने वाली भारतीय टीम तीन बार ही लेबनान के गोल पोस्ट की ओर आक्रमण कर पाई।
छेत्री और छांगते ने दूसरे हाफ में किया कमाल
हाफ टाइम के बाद सबसे पहले छांगते ने बॉक्स के पास से गेंद को अपने नियंत्रण में लेकर छेत्री को दिया और भारतीय कप्तान ने लेबनान के गोलकीपर अली सबेह को छकाने में कोई गलती नहीं की। टीम ने खिलाड़ियों के शानदार सामंजस्य से इस मौके को बनाया । निखिल पुजारी ने बेहद कम जगह में से लेबनान के खिलाड़ियों के बीच से गेंद को छांगते की ओर धकेला और इस खिलाड़ी ने अपने प्रेरणादायी कप्तान के लिए मौका बनाने में कोई गलती नहीं की।
एक गोल की बढ़त लेने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए छांगते के प्रयास से इस बढ़त को दोगुना कर दिया। सब्स्टीट्यूट नाओरेम महेश सिंह ने छेत्री के पास पर गोल करने का प्रयास किया लेकिन लेबनान के गोलकीपर ने गेंद को गोल में जाने से रोक दिया। हालांकि गोलकीपर गेंद को नियंत्रण में नहीं रख सके जो छिटक कर छांगते के पास गई और खिलाड़ी ने गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया।
हाफ टाइम के बाद सबसे पहले छांगते ने बॉक्स के पास से गेंद को अपने नियंत्रण में लेकर छेत्री को दिया और भारतीय कप्तान ने लेबनान के गोलकीपर अली सबेह को छकाने में कोई गलती नहीं की। टीम ने खिलाड़ियों के शानदार सामंजस्य से इस मौके को बनाया । निखिल पुजारी ने बेहद कम जगह में से लेबनान के खिलाड़ियों के बीच से गेंद को छांगते की ओर धकेला और इस खिलाड़ी ने अपने प्रेरणादायी कप्तान के लिए मौका बनाने में कोई गलती नहीं की।
एक गोल की बढ़त लेने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए छांगते के प्रयास से इस बढ़त को दोगुना कर दिया। सब्स्टीट्यूट नाओरेम महेश सिंह ने छेत्री के पास पर गोल करने का प्रयास किया लेकिन लेबनान के गोलकीपर ने गेंद को गोल में जाने से रोक दिया। हालांकि गोलकीपर गेंद को नियंत्रण में नहीं रख सके जो छिटक कर छांगते के पास गई और खिलाड़ी ने गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया।











