कई बार हारकर भी मैदान में टिके इमरान मसूद, जानिए क्या है हर पार्टी की वेस्ट यूपी में पसंद बनने का बड़ा कारण

कई बार हारकर भी मैदान में टिके इमरान मसूद, जानिए क्या है हर पार्टी की वेस्ट यूपी में पसंद बनने का बड़ा कारण
सहारनपुर: वेस्ट यूपी के सहारनपुर से चुनाव लड़ने वाले इमरान मसूद को BSP ने पार्टी से निकाल दिया। इमरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े मुस्लिम चेहरों में गिने जाते हैं। चर्चा है कि अब वह INDIA गठबंधन के किसी दल का दामन थाम सकते हैं। एक के बाद एक चुनाव हारने के बावजूद इमरान मसूद को वेस्ट यूपी की सियासत में बड़ी ताकत माना जाता है। इस इलाके के सहारनपुर जिले के बड़े सियासी खानदान ‘काजी’ से ताल्लुक रखने वाले इमरान अक्सर सियासी फायदे के लिए पार्टियां बदलते रहे हैं। इससे पहले वह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी अलविदा कह चुके हैं।

कांग्रेस में इमरान लंबे वक्त तक रहे और राष्ट्रीय सचिव तक की जिम्मेदारी संभाली। जब समाजवादी पार्टी में गए तो वहां महज 274 दिन रहे। इसके बाद इमरान बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए और अब 316 दिन बाद पार्टी ने ही उनसे नमस्ते कर लिया है। इसके पीछे वजह यह बताई जाती है कि वह 2024 आम चुनाव के मद्देनजर खुद ही अलग होने की पटकथा लिख चुके थे। इसकी आहट BSP को हो गई तो उसने तुरंत उन्हें पार्टी से निकाल दिया। अब इमरान की कांग्रेस में घर वापसी होगी या वह राष्ट्रीय लोकदल में एंट्री लेने जा रहे हैं, सियासी गलियारों में इस पर अटकलबाजी चल रही है। कहते हैं कि पाला बदलने से पहले किस पार्टी के साथ अगली पारी खेलनी है, इसकी भूमिका इमरान पहले से ही बना लेते हैं।

इमरान को पीएम मोदी ने दिया था जवाब

हफ्ते भर पहले BSP में रहते हुए उन्होंने राहुल गांधी को सियासी हीरो बता कर दलबदल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी थी। इमरान मसूद ने अपने चाचा काजी रसीद मसूद से सियासत के गुर सीखे। वह कई बार सांसद और राज्यसभा सदस्य रहने के साथ उपराष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ चुके थे। खुद इमरान ने नगरपालिका अध्यक्ष रहकर राजनीति में एंट्री ली। इसके बाद पहली बार 2007 में निर्दलीय ही बेहट सीट से 3683 वोटों से जीकर विधायक बने, लेकिन 2012 में नकुड़ सीट से MLA का चुनाव हार गए। 2014 में इमरान ने सहारनपुर लोकसभा सीट पर ताल ठोकी, लेकिन फिर उनकी हार हुई। इस चुनाव से इमरान पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर दिए एक विवादित बयान से सुर्खियों में आए थे। खुद नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर आने पर इमरान के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी।

10 सितंबर को करेंगे बड़ा ऐलान

2017 में वह नकुड़ सीट से विधानसभा का चुनाव एक बार फिर हारे, लेकिन यूपी में यह चुनाव चर्चा में रहा। 2019 में वह कांग्रेस से सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन जीत फिर भी नसीब नहीं हुई। 2022 में SP से MLA का टिकट नहीं मिला तो वह चुनाव नहीं लड़ पाए। लेकिन निकाय चुनाव 2023 में अपनी भाभी को BSP से मेयर का चुनाव लड़ाकर सियासत में हलचल पैदा करने में कामयाब रहे, हालांकि भाभी भी जीत नहीं पाईं। हिम्मत नहीं हारने वाले इमरान अब 2024 में चुनाव लड़ने का ऐलान करके वेस्ट यूपी का सियासी पारा चढ़ाए हुए हैं। उन्होंने 10 सितंबर को अपने अगले कदम का ऐलान करने की बात कही है।

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