TOI के मुताबिक, 'लाहोरी जीरा' जैसी कुछ कंपनियों ने तो महीने की शुरुआत से ही चुनिंदा प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। 'नुवामा इक्विटीज' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खाने के तेल (एडिबल ऑयल) की कंपनियों ने भी कीमतों में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं, पाम ऑयल महंगा होने की वजह से बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी फूड कंपनियां भी इस तिमाही में दाम बढ़ा सकती हैं।
पिछले सात-आठ साल से पाम ऑयल की कीमतें कच्चे तेल के साथ ही ऊपर-नीचे होती रही हैं। ऐसे में पाम ऑयल महंगा होने से HUL और गोदरेज जैसी साबुन बनाने वाली कंपनियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि पाम ऑयल उनके लिए सबसे जरूरी कच्चा माल है।
दाम अडजस्ट करने की तैयारी
Zydus Wellness के सीईओ तरुण अरोड़ा का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव जितने लंबे समय तक चलेगा, अलग-अलग सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका उतनी ही ज्यादा होगी। उन्होंने बताया कि कंपनियां इससे निपटने के लिए छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं। यानी कीमत वही रहेगी लेकिन सामान कम मिलेगा। जबकि बड़े पैकेटों के दाम सीधे तौर पर बढ़ाए जा सकते हैं।महंगाई का तड़का
- ईरान युद्ध का सीधा असर अब आपकी जेब पर पड़ने वाला है
- बिस्किट, साबुन, तेल और पेंट तक महंगा होने के आसार हैं
- FMC और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में
- खाने के तेल की कीमत में में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
- बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले इस तिमाही दाम बढ़ा सकती हैं
- HUL और गोदरेज भी साबुन की कीमत में बढ़ोतरी की तैयारी में











