हर रोज इसके लिए निकालेंगे समय तो आपके बचेंगे लाखों

हर रोज इसके लिए निकालेंगे समय तो आपके बचेंगे लाखों
नई दिल्ली: रमेश कुमार अभी महज 41 साल के हैं। वह गुड़गांव में एक नामी मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे वेतन पर नौकरी करते थे। लॉकडाउन के बाद वह छंटनी के शिकार हो गए। इसके बाद वह भयंकर तनाव में रहने लगे। इस बीच सुकून ढूंढ़ने के लिए उन्होंने शराब का भी सेवन शुरू कर दिया। पिछले महीने उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उनके मित्र उन्हें ले कर एक फाइव स्टार अस्पताल में पहुंचे। पता चला हार्ट अटैक हुआ है। आनन-फानन में ऑपरेशन किया गया। कुछ दिन आईसीयू में और फिर कुछ दिन अस्पताल के कमरे में बिताने के बाद वह घर लौटे। उनकी जान तो बच गई लेकिन बेरोजगारी के दौर में करीब 10 लाख रुपये का फटका लग गया। इस क्षेत्र के विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि रमेश हर रोज महज आधा घंटा योग किया होता तो शायद ऐसी स्थिति नहीं आती।

यह कारण है जिम्मेदार


इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट लंग्स डिजीज एंड रिसर्च सेंटर ( IHLD) के कार्डियो-थोरेसिक सर्जरी के संस्थापक-अध्यक्ष और प्रमुख डॉ. राहुल चंदोला बताते हैं कि खराब लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, तनाव, आलस्य, देर रात तक जागना और अगली सुबह देर तक सोने से कोलेस्ट्रॉल, शुगर और फैट बढ़ता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा से हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 मिलीग्राम/डीएल से कम होनी चाहिए। कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। खराब कोलेस्ट्रॉल ब्लड फ्लो यानी रक्त प्रवाह को कम कर सकता है।

कीजिए योग रहिए निरोग


डॉ. चंदोला का कहना है कि योग न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इसके अभ्यास की आदत से हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। उच्च रक्तचाप के खतरे को कम करने से लेकर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने तक के लिए योग केअभ्यास की आदत से फायेदा होता है। उनका कहना है कि हृदय रोगों को दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में हृदय रोग के बढ़तों मामलों ने चिंता बढ़ाई है। कम उम्र के लोग हृदय के गंभीर रोगों के खतरे के बीच हैं।

पहले 50-55 साल में ऐसा होता था, अब...

वह बताते हैं कि पहले 50 साल से ऊपर के लोगों में हार्ट अटैक के मामले दिखते थे। लेकिन इस समय 40 वर्ष से कम आयु के लोगों के बीच भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया कि कम उम्र के ऐसे लोग जो जिम जाते हैं और फिटनेस पर ध्यान देते हैं, उन्हें दिल का दौरा पड़ा। ऐसे में लोग जिम जाने से भी डरने लगे हैं कि कहीं यह हार्टअटैक के खतरे की वजह तो नहीं। हालांकि हृदय रोग की समय पर पहचान करके और बचाव के उपायों को अपनाकर हृदय के जोखिम को कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी है कि हृदय को स्वस्थ रखा जाए। इसके लिए दिनचर्या में पौष्टिक आहार को शामिल करें। नियमित योग-व्यायाम की आदत डाले।


मेंटल हेल्थ भी जरूरी

डॉ. चंदोला बताते हैं कि आजकल लोग गलत तरीके से एक्सरसाइज करते हैं। साथ ही बॉडी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सप्लीमेंट्स भी इस जानलेवा कंडीशन की वजह बन सकते हैं। ऐसे में सभी लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। आज के जमाने में अधिकतर लोग फिजिकल फिटनेस पर तो ध्यान दे रहे हैं, लेकिन मेंटल हेल्थ को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। मेंटल हेल्थ का दिल पर सीधा असर होता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हार्ट अटैक से बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य बीमारियों को कंट्रोल करना चाहिए। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना चाहिए। जंक फूड और शुगर ड्रिंक्स को अवॉइड करना चाहिए। स्मोकिंग करने से हार्ट हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है। बीड़ी, सिगरेट और अन्य स्मोकिंग वाली चीजों का धुंआ हार्ट के लिए गंभीर खतरे पैदा करती है। धूम्रपान करने से सेहत पर नेगेटिव असर पड़ता है। ऐसे में स्मोकिंग से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। मेंटल हेल्थ का दिल पर सीधा असर होता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

इन योग के अभ्यास करने से होता है लाभ

योग का अभ्यास, हृदय रोग का कारण बनने वाले उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। जिससे हृदय गति कम करने में मदद मिल सकती है। योग करने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है। हृदय रोग का मुख्य कारक उच्च रक्तचाप होता है, जिसे कम करने के लिए भी प्राणायाम योगासन किया जा सकता है। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है। वीरभद्रासन योग का अभ्यास रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और तनाव को कम करता है। इस आसन को करने से पूरा शरीर लचीला होता है और हृदय की क्षमता में सुधार व हृदय की मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं। हृदय की सेहत के लिए धनुरासन भी असरदार है। इससे हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनती है, पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के साथ ही हृदय पर अतिरिक्त पड़ने वाला दबाव कम होता है।
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