संपत्ति से बेदखल करने का होगा अधिकार
समाज कल्याण विभाग की ओर से नियमावली में संशोधन की तैयारियों को शुरू कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर कानूनी राय ली जा रही है। नए कानून के तहत बुजुर्ग मां-पिता को परेशान करने वाली संतानों और रिश्तेदारों को संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। बुजुर्ग माता-पिता उन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे। पुलिस भी उनकी मदद करेगी।
केंद्र सरकार की ओर से बुजुर्ग लोगों को लेकर वर्ष 2007 में अधिनियम बनाया गया। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में सीनियर सिटीजंस को कई अधिकार दिए गए। इसको यूपी सरकार ने स्वीकार करते हुए वर्ष 2014 में नियमावली लागू की। राज्य सप्तम विधि आयोग की ओर से इस नियमावली में संशोधन की सिफारिश की गई है।
आयोग का मानना है कि केंद्र सरकार की ओर से तय नियमावली में सभी उद्देश्यों को पूरा नहीं कराया जा रहा है। वर्तमान नियमावली में बुजुर्गों का ध्यान नहीं रखने पर हर माह अधिकतम 10 हजार रुपए भरण-पोषण भत्ता देने और एक माह की सजा का प्रावधान है। नई नियमावली में कई प्रावधान किए जाएंगे।
केंद्र की तर्ज पर राज्य ने लागू किया एक्ट
केंद्र सरकार की ओर से बुजुर्ग लोगों को लेकर वर्ष 2007 में अधिनियम बनाया गया। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में सीनियर सिटीजंस को कई अधिकार दिए गए। इसको यूपी सरकार ने स्वीकार करते हुए वर्ष 2014 में नियमावली लागू की। राज्य सप्तम विधि आयोग की ओर से इस नियमावली में संशोधन की सिफारिश की गई है।
आयोग का मानना है कि केंद्र सरकार की ओर से तय नियमावली में सभी उद्देश्यों को पूरा नहीं कराया जा रहा है। वर्तमान नियमावली में बुजुर्गों का ध्यान नहीं रखने पर हर माह अधिकतम 10 हजार रुपए भरण-पोषण भत्ता देने और एक माह की सजा का प्रावधान है। नई नियमावली में कई प्रावधान किए जाएंगे।











