ट्रेन में पटाखे लेकर गए तो खैर नहीं, चलती ट्रेन में बैग चेक कर लेगी RPF, पकड़ने पर होगी 3 साल की जेल, जानें नियम

ट्रेन में पटाखे लेकर गए तो खैर नहीं, चलती ट्रेन में बैग चेक कर लेगी RPF, पकड़ने पर होगी 3 साल की जेल, जानें नियम
जबलपुर: दीपावली के शुभ अवसर पर, जबलपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ट्रेनों में पटाखों की तस्करी रोकने के लिए कमर कस ली है। आरपीएफ ने सभी थानों को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं।

आरपीएफ ने कसी कमर


त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आरपीएफ और जीआरपी के जवान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे हैं और उनके सामानों की जांच कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में बैठे हुए लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और उनके बैग की जांच की जा रही है। आरपीएफ के जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आला अधिकारियों को दी जाए। त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

ट्रेन के अंदर भी चेकिंग


आरपीएफ के प्रभारी मनीष कुमार ने कहा, 'त्योहार के समय सतर्कता थोड़ी सी ज्यादा बरतनी पड़ती है। ताकि किसी तरह की अशांति की स्थिति निर्मित ना हो। त्योहारों को देखते हुए रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेन के अंदर चेकिंग बढ़ा दी गई है।'

पटाखों की तस्करी पर नजर


आरपीएफ ने पश्चिम मध्य रेलवे के सभी थानों को निर्देश दिया है कि वे ट्रेनों में पटाखों की तस्करी रोकने के लिए सतर्क रहें। त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ को सक्रिय रहने और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आरपीएफ रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी कर रही है। हर व्यक्ति की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है और ज्वलनशील पदार्थों की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वायड का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पटाखों के साथ पकड़े गए तो...


रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत, ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे ले जाना एक गंभीर अपराध है। ऐसा करने पर तीन साल तक की कैद या एक हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। आरपीएफ यात्रियों से अपील कर रही है कि वे अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे न लेकर चलें। यात्रियों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है और उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे अपना सामान संभाल कर रखें और अनजान लोगों द्वारा दी गई खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर देने की अपील की गई है। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय ने यह आदेश जारी किया है।

जागरूक कर रही आरपीएफ


प्लेटफॉर्म और स्टेशनों पर मौजूद सभी लोगों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है। ज्वलनशील सामग्री का पता लगाने के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वायड का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रियों को इस कानून के बारे में बताया जा रहा है और उनसे आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने साथ ज्वलनशील सामग्री या पटाखे न लेकर चलें।
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