अगस्त 2025 में सामान का निर्यात 32.89 अरब डॉलर से बढ़कर 35.10 अरब डॉलर हो गया। वहीं, सेवाओं का निर्यात 30.36 अरब डॉलर से बढ़कर 34.06 अरब डॉलर हो गया। इसका मतलब है कि दोनों ही क्षेत्रों में बढ़ोतरी हुई है। इस बार अमेरिका में टैरिफ बढ़ने से दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता थी, फिर भी भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया।
आयात में आई गिरावट
अगस्त में आयात में गिरावट आई है। अगस्त में व्यापार घाटा घटकर 9.88 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल यह 21.73 अरब डॉलर था। व्यापार घाटा कम होना अच्छी बात है, क्योंकि इसका मतलब है कि हम निर्यात ज्यादा कर रहे हैं और आयात कम। भारत ने अगस्त 2025 में 79.04 अरब डॉलर के सामान और सेवाएं आयात कीं। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 84.99 अरब डॉलर था। इस बार आयात कम हुआ है।निर्यातकों को मिली मदद
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापार नीति की अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय निर्यातकों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। यह दिखाता है कि सरकार की नीति सफल रही है। इसका मतलब है कि सरकार ने जो नीतियां बनाईं, उनसे निर्यातकों को मदद मिली।अगस्त में निर्यात बढ़ने के कई कारण हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग का सामान, रत्न और आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद और दवाएं और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन हुआ।











