हाल ही में अबू धाबी में आयोजित 'मेक इट इन द एमिरेट्स' में बोलते हुए अलब्बार ने कहा, 'मैं हमेशा कहता हूं कि मेरा आईक्यू औसत है, लेकिन मेरी मेहनत सबसे बेहतर है। मैं कड़ी मेहनत में विश्वास करता हूं।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सफलता के लिए सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत और अनुशासन ज्यादा मायने रखते हैं।
भारतीय कर्मचारियों की तारीफ
अलाब्बर ने भारतीय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को उदाहरण के रूप में पेश करते हुए कहा, 'जितनी ज्यादा मेहनत करेंगे, उतनी ज्यादा किस्मत साथ देगी। एक कहावत है- जब प्रतिभा मेहनत नहीं करती, तो मेहनत उसे हरा देती है। यही कारण है कि मुझे भारतीयों को जॉब देना पसंद है, क्योंकि वे रात 1 बजे भी फोन उठा लेते हैं।' उन्होंने कहा कि भारतीय कर्मचारी अपने काम के प्रति बेहद समर्पित होते हैं और समय की परवाह किए बिना जिम्मेदारियां निभाते हैं।सफलता के लिए अलाब्बर के सुझाव
केवल घंटों तक काम करना ही काफी नहीं है, अलाब्बर ने 'स्मार्ट वर्क' और जोखिम प्रबंधन पर भी जोर दिया:- हर मौके को गहराई से समझें और सही समय पर जोखिम लेना सीखें।
- सही लोगों को साथ लाएं और उनके काम की बारीकी से निगरानी करें।
- साल 2008 के वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनियों को संकट आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय, पहले से ही लचीला और चुस्त बनना चाहिए।











