दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना रखने वाले अमेरिका के सामने सैन्य तुलना में ईरान कहीं नहीं ठहरता है लेकिन तेहरान ने पिछले कुछ दशकों में अपनी मिसाइल क्षमता में भारी निवेश किया है। वर्तमान में ईरान के पास मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा मिसाइल जखीरा है जिसमें 3000 से ज्यादा खतरनाक यूनिट्स मौजूद हैं। इसमें फतेह-110 जैसी सटीक गाइडेड मिसाइलें भी हैं जो संकरे जलडमरूमध्य में चलने वाले जहाजों को निशाना बनाने में सक्षम है।
ईरान की सबसे खतरनाक रणनीति
अमेरिकी नौसेना के खिलाफ तेहरान की सबसे प्रभावी रणनीति मिसाइलों की बारिश करने की है। एक साथ सैकड़ों ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलें लॉन्च करके ईरान अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के रेडार को ओवरलोड कर सकता है। ईरान ने अपनी इस रणनीति का सफल प्रदर्शन जून 2025 में इजरायल के खिलाफ युद्ध के दौरान किया था। ईरान ने एक साथ सैकड़ों मिसाइलें छोड़कर इजरायल के आयरन डोम और एरो-3 सिस्टम को फेल कर दिया था। बड़ी संख्या में ईरान मिसाइलें इजरायल के अंदर गिरी थीं जिससे भारी नुकसान हुआ था।अमेरिकी बेड़े की क्या है कमजोरी?
USS अब्राहम कैरियर की रक्षा अर्ले बर्क-क्लास के विध्वंसक करते हैं। हर विध्वंसक में 90-98 वर्टिकल लॉन्च सेल होते हैं। अगर आने वाली मिसाइलों की संख्या विध्वंसक में मौजूद रक्षात्मक मिसाइलों की संख्या से ज्यादा होती है, तो जहाजों का गोला बारूद खत्म हो सकता है।अमेरिका का एजिस शील्डयह अमेरिका का मुख्य रक्षा एजिस कॉम्बैज सिस्टम एक साथ 100 से ज्यादा लक्ष्यों को टारगेट करने के लिए SPY-1 रेडार का इस्तेमाल करता है। यह खुद से ही दुश्मन के सबसे खतरनाक हथियारों को चुनता है और उन्हें हवा में ही नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टर छोड़ता है। अमेरिकी नेवी खतरों को दूर से ही नष्ट करने के लिए स्टैंडर्ड मिसाइल-6 का इस्तेमाल करती है। ये इंटरसेप्टर 240 किमी दूर लक्ष्यों को खत्म कर सकते हैं।
बाहरी शील्ड को भेद देने की स्थिति में अमेरिकी बेड़े के पास एक मध्यम परत भी है। इसमें इवॉल्वड सीस्पैरो मिसाइल है, जो एक रक्षात्मक परत देती है। छोटी होने की वजह से जहाज एक ही लॉन्च सेल में चार मिसाइलें पैक कर सकते हैं। अगर कोई हथियार इसे भेदकर भी आगे बढ़ जाता है तो फैलेंक्स क्लोज-इन वेपन सिस्टम खुद से एक्टिव हो जाता है। रेडार गाइडेड यह सिस्टम प्रति मिनट 4500 राउंड फायर करता है।











