झूठ बोलूंगा तो मेरा रिजाइन ले लेना जब हर घर नल योजना पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विपक्ष को कर दिया चैलेंज

झूठ बोलूंगा तो मेरा रिजाइन ले लेना जब हर घर नल योजना पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विपक्ष को कर दिया चैलेंज
लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में मंगलवार को दूसरे दिन भी तनातनी देखने को मिली। सदन में योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री ने हर घर नल योजना को लेकर विपक्ष को चैलेंज दे दिया कि अगर वह झूठ बोलेंगे तो उनका इस्‍तीफा ले लेना। स्‍वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में पहले ट्रेन से पानी मंगाया जाता था। आज भी हमारे सामने दलित बस्ती से लेकर सब जगह संकट है। बहुत पीछे थे हम। ये केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। आज हम 40 हजार नए जल कनेक्शन दे रहे हैं। इस बीच विपक्षी सदस्य कहने लगे- ये सब झूठ है। इस पर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, 'मैं झूठ बोल दूंगा न तो मेरा रिजाइन ले लेना। मैं कभी भी झूठ नहीं बोलता हूं।'

मामला गर्म होता इससे पहले ही स्पीकर सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विपक्ष से कहा कि जो बात मंत्री स्‍वतंत्र देव सिंह ने कहा है, उसे झूठ आप बिना प्रमाणित के नहीं बोल सकते। झूठ असंसदीय शब्द है, इसका इस्तेमाल भी नहीं कर सकते। आपको बता दें कि मॉनसून सत्र सात अगस्‍त से शुरू हुआ है जो 11 अगस्‍त तक चलेगा। सोमवार को पहले दिन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में मणिपुर हिंसा पर चर्चा कराने की मांग की जिसे स्‍पीकर सतीश महाना ने स्‍वीकार करने से इन्‍कार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। पहले सदन आधे घंटे के लिए स्‍थगित हुआ। फिर पूरे दिन के लिए कर दिया गया।

43 साल बाद सार्वजनिक की जाएगी मुरादाबाद दंगे की रिपोर्ट

दूसरी तरफ, मंगलवार को विधानसभा में 43 साल पहले हुए मुरादाबाद दंगों की एसआईटी जांच रिपोर्ट रखी जाएगी। इन दंगों की जांच रिपोर्ट आज सार्वजनिक की जाएगी। इस दौरान हंगामा होने के आसार हैं। अगस्‍त 1980 में हुए इस दंगे में करीब 83 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्‍यादा लोग घायल हुए थे। उस दौरान यूपी में वीपी सिंह मुख्‍यमंत्री हुआ करते थे। जांच आयोग ने दंगों की रिपोर्ट 1983 में सरकार को सौंप दी थी लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। अब योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का फैसला किया था। मुरादाबाद में अगस्‍त 1980 में ईदगाह में दंगे भड़के थे। इस दौरान मुस्लिम और वाल्‍मीकि समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे।

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