इकनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के जरिए बताया है कि वित्तीय बोलियां मिलने के बाद और उन्हें खोले जाने से पहले, बैंक की न्यूनतम बिक्री कीमत यानी रिजर्व प्राइस तय की जाएगी। यह रिजर्व प्राइस सिर्फ कुछ सरकारी अधिकारियों को ही पता होगा और इसे बोली लगाने वालों को नहीं बताया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि रिजर्व प्राइस का फैसला बैंक के कारोबार और संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा, जिसका काम पूरा हो चुका है। सरकार ने आईडीबीआई बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ भी नियुक्त किया था। बैंक की कुल संपत्ति में जमीन और इमारत जैसी अचल संपत्तियों का हिस्सा करीब 3% है।
IDBI बैंक की लग रही बोली, उदय कोटक और प्रेमा वाट्स खरीदने के लिए लगे लाइन में
नई दिल्ली: सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम ( LIC ) आईडीबीआई बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। प्रेमा वाट्स की फेयरफैक्स फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा बैंक दोनों ही इसमें बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के इच्छुक हैं। इन दोनों कंपनियों के बीच इस हिस्सेदारी को खरीदने की होड़ लगी है। शुक्रवार को ये दोनों अपने वित्तीय प्रस्ताव अलग-अलग जमा करने वाले हैं। सरकार और एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में कुल मिलाकर 90% से ज्यादा हिस्सेदारी है।
इकनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के जरिए बताया है कि वित्तीय बोलियां मिलने के बाद और उन्हें खोले जाने से पहले, बैंक की न्यूनतम बिक्री कीमत यानी रिजर्व प्राइस तय की जाएगी। यह रिजर्व प्राइस सिर्फ कुछ सरकारी अधिकारियों को ही पता होगा और इसे बोली लगाने वालों को नहीं बताया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि रिजर्व प्राइस का फैसला बैंक के कारोबार और संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा, जिसका काम पूरा हो चुका है। सरकार ने आईडीबीआई बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ भी नियुक्त किया था। बैंक की कुल संपत्ति में जमीन और इमारत जैसी अचल संपत्तियों का हिस्सा करीब 3% है।
इकनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के जरिए बताया है कि वित्तीय बोलियां मिलने के बाद और उन्हें खोले जाने से पहले, बैंक की न्यूनतम बिक्री कीमत यानी रिजर्व प्राइस तय की जाएगी। यह रिजर्व प्राइस सिर्फ कुछ सरकारी अधिकारियों को ही पता होगा और इसे बोली लगाने वालों को नहीं बताया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि रिजर्व प्राइस का फैसला बैंक के कारोबार और संपत्ति के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा, जिसका काम पूरा हो चुका है। सरकार ने आईडीबीआई बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ भी नियुक्त किया था। बैंक की कुल संपत्ति में जमीन और इमारत जैसी अचल संपत्तियों का हिस्सा करीब 3% है।











