मनु के पिता ने क्या कहा?
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मनु भाकर के पिता ने खेल मंत्रालय और खेल रत्न के लिए नाम तय करने वाली समिति पर निशाना साधा। मंत्रालय का कहना है कि मनु ने आवेदन ही नहीं किया, जबकि मनु इससे इनकार करती हैं। मनु के पिता ने कहा, 'मुझे अपनी बेटी को शूटिंग में डालने का पछतावा है। काश उसे क्रिकेटर बनाया होता। तब उसे सारे पुरस्कार और सम्मान मिलते। उसने एक ही ओलिंपिक में दो मेडल जीते हैं, ऐसा पहले कभी किसी ने नहीं किया। आप मेरी बच्ची से देश के लिए और क्या उम्मीद करते हैं? सरकार को उसकी मेहनत को पहचानना चाहिए।'राम किशन भाकर ने बात करते हुए कहा- मैंने मनु से बात की और वह बहुत दुखी थी। उसने मुझसे कहा, 'मुझे ओलिंपिक में जाकर देश के लिए मेडल नहीं जीतने चाहिए थे। मुझे खिलाड़ी ही नहीं बनना चाहिए था।'











