'मैंने कभी भी अपने', पढ़ाई के साथ जारी रखा बिजनेस, फिर ऐसा ट्विस्‍ट कि सालाना कमाई पहुंची 96 लाख रुपये

'मैंने कभी भी अपने', पढ़ाई के साथ जारी रखा बिजनेस, फिर ऐसा ट्विस्‍ट कि सालाना कमाई पहुंची 96 लाख रुपये
नई दिल्‍ली: यह कहानी है ईशा खैतान की। वह लुधियाना की रहने वाली हैं। उन्‍होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही बिजनेस में कदम रख दिए थे। कड़ी मेहनत और फैशन डिजाइनिंग के हुनर से कुछ समय बाद ईशा ने अपने स्‍टार्टटप की नींव रखी। इसका नाम 'कस्टम बाय ईश्‍नम' है। यह ब्रांड आज कस्टमाइज्ड कपड़ों और बेहतरीन एम्ब्रायडरी के जरिए देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इसका सालाना रेवेन्‍यू करीब 96 लाख रुपये तक पहुंच गया है। आइए, यहां ईशा खैतान की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।

लुधियाना की रहने वाली ईशा खैतान ने सिर्फ 16 साल की उम्र में (जब वह क्‍लास 12 में थीं) अपने उद्यमी सफर की शुरुआत कर दी थी। उन्होंने पोर्ट्रेट बनाने, गिफ्ट बेचने और कपड़ों की ड्रॉपशीपिंग जैसे कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया। कोरोना महामारी के दौरान स्थानीय कैफे में ईशा ने प्रदर्शनियों के जरिए अपनी कला को आगे बढ़ाया। इन शुरुआती प्रयासों से उन्हें हर महीने 60,000 से 70,000 रुपये की कमाई होने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। उन्हें यह यकीन हो गया कि वह अपना खुद का बड़ा बिजनेस खड़ा कर सकती हैं।

ईशा ने NIF लुधियाना से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। इस दौरान ईशा ने अपनी पढ़ाई के साथ बिजनेस भी जारी रखा। साल 2023 में वैलेंटाइन वीक के समय उन्हें कस्टमाइज्ड ऑर्डर्स मिलने शुरू हुए। इसके बाद उन्होंने इसके लिए एक अलग इंस्टाग्राम पेज बनाया। शुरुआत में जब एक मशहूर मेकअप आर्टिस्ट ने उनके प्रोडक्ट की तारीफ की तो उनके पास ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई। माउथ पब्लिसिटी के जरिए उनका ब्रांड तेजी से आगे बढ़ने लगा।

चूंकि ईशा के परिवार में पहले से ही कपड़ों के निर्यात का कारोबार और फैक्ट्री सेटअप था। इसलिए उन्हें शुरुआती मैन्युफैक्चरिंग में काफी मदद मिली। धीरे-धीरे उन्होंने कटिंग, एम्ब्रायडरी और सिलाई जैसे मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को खुद बारीकी से समझा। हर एक स्टेप में अपनी सीधी भागीदारी सुनिश्चित की। आज उनका स्टार्टअप ग्राहकों की पसंद के अनुसार टी-शर्ट, स्वेटशर्ट और एप्रन जैसी कस्टमाइज्ड पोशाकें तैयार करता है।

वर्तमान में ब्रांड भारत के अलावा दुबई और ब्रिटेन जैसे देशों के ग्राहकों को भी अपनी सेवाएं दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस स्टार्टअप ने लगभग 60 लाख से 96 लाख रुपये तक का शानदार सालाना रेवेन्यू अर्जित किया है। ईशा अब होटलों, रेस्तरां और स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म सेगमेंट में अपने कारोबार को और ज्‍यादा विस्तार देने की योजना बना रही हैं। एक इंटरव्‍यू में ईशा ने कहा, 'मैंने कभी भी अपने सोशल मीडिया को संभालने के लिए बाहर से या किसी एजेंसी से किसी को नहीं रखा। मैं खुद ही कंटेंट शूट करती हूं, खुद पोस्ट करती हूं और पेज चलाने की बाकी प्रक्रियाएं संभालती हूं।'


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