राष्ट्रीय खेल हॉकी में कितना मजबूत है भारत का दावा, तोक्यो वाला जज्बा दिखाने से बनेगी बात

राष्ट्रीय खेल हॉकी में कितना मजबूत है भारत का दावा, तोक्यो वाला जज्बा दिखाने से बनेगी बात
हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है। आधुनिक ओलिंपिक खेलों की शुरुआत के बाद से भारत जैसी कामयाबी किसी टीम को नहीं मिली। भारत ने हॉकी में कुल आठ गोल्ड मेडल जीते हैं, जिसमें छह स्वर्ण पदक तो लगातार आए। तोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत ने पदकों का 41 साल का सूखा खत्म किया था। अगर इस बार भी हमारे साथ चर्चा की ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट जफर इकबाल ने, जो भारत के पूर्व कप्तान रह चुके हैं और उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया है।

पॉजिटिव माइंडसेट बेहद अहम

नवभारत टाइम्स के दफ्तर पहुंचे पद्मश्री जफर इकबाल की माने तो ओलिंपिक में भाग लेने पहुंचीं सभी 12 टीमें शानदार हैं और पदक जीतने के इरादे के साथ ही पेरिस में कदम रखेंगी। भारत का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड से है, इनसे पिछली टक्कर बीते साल भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप में हुई थी। तब भारत पेनल्टी शूटआउट में हारा था। वैसे ओलिंपिक जैसे महाआयोजन में टीमों के पिछले आंकड़ें ज्यादा मायने नहीं रखते। इस बात का महत्व होता है कि हम पॉजिटिव माइंड सेट के साथ पूरा मैच खेलें और आखिर तक अपना दमखम कायम रखें।पहले मैच में जीत जरूरी
किसी भी इवेंट में पहला मैच बहुत अहम होता है। हमारी टीम को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होगी और वह पहले मुकाबले में जीत से मिल सकती है। प्लेयर्स को इस मानसिकता के साथ उतरना होगा कि न्यूजीलैंड को हम हराएंगे। खुद पर आत्मविश्वास रखने की जरूर है। भारत के ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमें भी हैं, लेकिन एक अच्छी बात यह है कि भारत के शुरुआती मुकाबले इनसे नहीं हैं। न्यूजीलैंड से यदि पार पा गए तो फिर अर्जेंटीना और आयरलैंड सामने होंगे। हम शुरुआती तीन मैच में ही जीत के साथ नॉकआउट के लिए अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो फिर हमारे लड़के खुल कर खेल सकते हैं। कोशिश ग्रुप में ज्यादा से ज्यादा ऊपर रहने की होगी ताकि नॉक आउट में दूसरे ग्रुप की थोड़ी कमजोर टीम से ही सामना हो।
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