हमास ने बनाया है ऑपरेशन रूम
यरुशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमास चीफ इस्माइल हानियेह और दूसरे नेताओं को विश्वास था कि 7 अक्टूबर को इजरायल में हमले के बाद गाजा पट्टी में युद्ध छिड़ेगा तो उसके पक्ष में कई मोर्चों से इजराइल पर हमला होगा। हमास की इस उम्मीद को गुरुवार को एक बार फिर इजरायल और लेबनान में हुई तनातनी से बल मिला है। इसने हमास की उस प्लान की उम्मीद को फिर से जिंदा किया है, जिसमें वह इजरायल के साथ कई मोर्चे पर टकराव शुरू करना चाहता है। हमास हिजबुल्ला को युद्ध में घसीटने के लिए बेताब है। हिजबुल्ला भी अपनी ओर से यह संदेश देना चाहता है कि उसने फिलिस्तीनी को अकेला को नहीं छोड़ा है और युद्ध में शामिल होने के लिए तैयार है। हिजबुल्ला के अखबार, अल-अखबर के मुताबिक, गाजा पट्टी और लेबनान में साझा सैन्य गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हमास, हिजबुल्लाह और सहयोगी सभी गुटों को शामिल करने के लिए एक ऑपरेशन रूम स्थापित किया है।एकजुट होकर काम कर रहे हैं कई संगठन
पिछले कुछ सालों में हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ग्रुप (पीआईजे) लगातार युद्धक्षेत्रों में एकजुटता के विचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इनका विचार इजरायल के खिलाफ लड़ाई में शामिल सभी गुटों को साथ लाना है। इसमें हमास और हिज्बुल्ला के अलावा ईरान, वेस्ट बैंक, पूर्वी येरुशलम, अरब इजरायली, यमन स्थित हौथिस और सीरिया को जोड़ना है। पीआईजे ने 2022 में इजरायल के साथ तीन दिन सैन्य टकराव को 'युद्धक्षेत्र में एकता के लिए लड़ाई' का नाम दिया था।
पिछले दो साल में वेस्ट बैंक में कई सशस्त्र समूह तैयार हुए हैं। जो हमास और पीआईजे से जुड़े हैं। इन समूहों में जेनिन बटालियन और लायंस डेन शामिल हैं। हालिया संघर्ष के बाद हमास को उम्मीद थी कि ये सभी इजरायल के खिलाफ हिंसक हमलों में शामिल होंगे, जैसा कि 2021 में हुआ था। हमास को अब इजरायल-लेबनान सीमा पर हुई झड़पों का हमास ने स्वागत किया है। उनको उम्मीद बंधी है कि युद्ध के लिए एकता की उसकी कोशिश को ताकत मिल रही है। इससे हमास को इजरायल के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का बल मिल रहा है।











