जिला कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी से जुड़े केस की याचिकाकर्ता राखी सिंह ने जिला जज की अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें ज्ञानवापी परिसर में मौजूद चिह्नों को सुरक्षित रखने समेत अन्य मांगें की गई। राखी सिंह की ओर से वकील सौरभ तिवारी ने याचिका दायर कर इसमें यूपी सरकार, जिलाधिकारी वाराणसी, पुलिस कमिश्नर, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद और श्रीकाशी विश्वनाथ ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया है। याचिका के जरिए दायर प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही के दौरान मिले और अभी चल रहे एएसआई सर्वे के दौरान मिले हिंदू धर्म के चिह्नों को तब तक सील और सुरक्षित करने का आदेश जिम्मेदार अधिकारियों को दिया जाए, जब तक केस का फैसला नहीं आ जाता है।
ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने वानों की संख्या निर्धारित करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि हिंदू धर्म के चिह्नों और श्री आदि विश्वेश्वर को नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए यह आवश्यक है। ज्ञानवापी में मौजूद चिह्नों को नुकसान से बचाने के लिए प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद को इमारत के रंग-रोगन से रोकने की भी मांग की है। कोर्ट की ओर से ज्ञानवापी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पहले से निर्धारित तिथि 17 अगस्त को ही इस प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई करेगी।
ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने वानों की संख्या निर्धारित करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि हिंदू धर्म के चिह्नों और श्री आदि विश्वेश्वर को नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए यह आवश्यक है। ज्ञानवापी में मौजूद चिह्नों को नुकसान से बचाने के लिए प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद को इमारत के रंग-रोगन से रोकने की भी मांग की है। कोर्ट की ओर से ज्ञानवापी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पहले से निर्धारित तिथि 17 अगस्त को ही इस प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई करेगी।











