दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। केजरीवाल ने ED की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने 21 मार्च को केजरीवाल को अरेस्ट किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को केजरीवाल को 21 दिन यानी एक जून तक अंतरिम जमानत दी है। 2 जून को उन्हें सरेंडर करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर 16 मई को भी सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने पर कहा कि उन्हें कोई विशेष छूट नहीं दी गई है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा कि हमने अपने फैसले में कहा था कि हमें यह न्यायसंगत लगा था। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि इस फैसले की आलोचनात्मक समीक्षा का हम स्वागत करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- अगले हफ्ते बहस जारी रहेगी
सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को कहा था, गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर बहस अगले सप्ताह जारी रहेगी। 20 मई से शुरू होने वाली गर्मी की छुट्टियों से पहले याचिका पर फैसला सुनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में अगर कोर्ट ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को अवैध पाया तो वो फिर जेल नहीं जाएंगे। हालांकि, अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें 2 जून को तिहाड़ जेल वापस जाना पड़ेगा।
शराब नीति केस में AAP को आरोपी बनाएगी ED
दिल्ली शराब नीति केस में अब आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आरोपी बनाया जाएगा। ED के वकील ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से कहा कि मामले की अगली चार्जशीट में हम ये करेंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 14 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बात कही थी। ईडी इस केस में 7वीं चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें एक मुख्य और 6 सप्लीमेंट्री हैं। ईडी की 224 पेज की चार्जशीट सिर्फ के कविता और कुछ अन्य के खिलाफ दाखिल हुई है।
10 मई से पहले सुप्रीम कोर्ट में 5 बार सुनवाई हुई
- 7 मई को केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर फैसला सुनाए बिना सुप्रीम कोर्ट की बेंच उठ गई। सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई शुरू होने के बाद लंच से पहले तक कोर्ट ने जमानत की शर्तें तय कर ली थीं। हालांकि तब ED ने कहा कि केजरीवाल के वकील को 3 दिन सुना गया। हमें भी पर्याप्त समय दिया जाए।
- 3 मई को सुनवाई दो घंटे चली थी। इस लंबी बहस के बाद बेंच ने कहा था कि मेन केस यानी जिसमें केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती दी है, इसमें समय लग सकता है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है, ताकि वे कैंपेन में हिस्सा ले सकें।
- 30 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे। ED से पूछा था कि चुनाव के पहले ऐसा क्यों किया?
- 29 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल से ED के नोटिस पर सवाल पूछे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको ED ने जो नोटिस भेजे, आपने उन्हें नजर अंदाज क्यों किया। आप गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ यहां आए, आपने जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट क्यों नहीं गए। केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा था कि गिरफ्तारी अवैध है इसलिए।
- 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस देकर गिरफ्तारी पर जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान हलफनामे में ED ने कहा कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। ED ने यह भी कहा कि केजरीवाल को किसी दुर्भावना या दूसरे कारणों से गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनकी गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है।











