1- होम लोन के नए नियम
बता दें कि बैंकों के और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के लिए होम लोन के नियमों में अंतर होता है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, बैंकों के सारे लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट के बेस पर तय होते हैं। वहीं गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के लिए ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है। विलय के बाद एचडीएफसी लिमिटेड पर भी यह नियम लागू होगा। ऐसे में अगर ब्याज दर कम होती है तो एचडीएफसी के मौजूदा ग्राहकों को इसका फायदा मिल सकता है।2- FD की ब्याज दरें
अगर आपने एचडीएफसी में एफडी में निवेश किया है तो इसकी ब्याज दरों में अंतर आ सकता है। इसकी वजह दोनों की ब्याज दरों में अंतर है। एचडीएफसी बैंक में एफडी पर ब्याज दरें एचडीएफसी हाउसिंग फाइनेंस की तुलना में कम हैं।3- मिलेगा बीमा
एचडीएफसी लिमिटेड के कस्टमर को अपनी एफडी पर जमा पैसा वापस लेने या निर्धारित ब्याज दर पर जमा धरनाशि को एचडीएफसी बैंक के साथ नवीनीकृत करने का ऑप्शन दिया जा रहा है। ऐसा करने से अपना पैसा ज्यादा सुरक्षित होगा। क्रेडिट गारंटी निगम और जमा बीमा के तहत 5 लाख रुपये तक का अधिकतम बीमा किया जाएगा।4- मिलेंगे शेयर
रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को एचडीएफसी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज से हट जाएंगे और इसके शेयरों की ट्रेडिंग एचडीएफसी बैंक के शेयर के रूप में होगी। अगर किसी शेयरधारक के पास एचडीएफसी लिमिटेड के 25 शेयर हैं तो एसे एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे।5- कम नहीं होगी सैलरी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों को यह आश्सासन दिया गया है कि जसकी उम्र 60 साल से कम है उसे बैंक में शामिल किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन में किसी तरह की कटौतरी नहीं होगी।











