पुजारा को ट्रॉप होने से नाराज
हरभजन ने चेतेश्वर पुजारा को टीम से बाहर करने की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट ने उनके योगदान की सराहना करना नहीं सीखा है। उन्होंने कहा, ‘चेतेश्वर पुजारा ने जो हासिल किया है। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। वह कई वर्षों से भारतीय टीम के गुमनाम नायक रहे हैं। वह भारतीय बल्लेबाजी का स्तंभ है जो क्रीज पर जमे रहने का मुश्किल काम करता है।’नाम लिए बिना विराट पर साधा निशाना
हरभजन ने उनके प्रति सम्मान की कमी पर नाराजगी जताते हुए कि इस टीम में प्रदर्शन को आंकने का पैमाना हर सीनियर खिलाड़ी के लिए एक समान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि उन्हें जितना सम्मान दिया गया है, उससे थोड़ा अधिक सम्मान देने की जरूरत है और जिस तरह से उन्हें टीम से बाहर किया गया, वह मेरे लिए आश्चर्य की बात थी। क्योंकि वह अकेले नहीं हैं जो रन नहीं बना रहे हैं। ऐसे और भी लोग हैं।’ हरभजन ने किसी अन्य खिलाड़ी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह उसी अवधि के दौरान विराट कोहली का औसत भी 30 रन के आस-पास रहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए, अलग-अलग लोगों के लिए अलग नहीं। अगर आप किसी सीनियर खिलाड़ी को बाहर करते हैं तो आपको उन्हें यह समझाना चाहिये कि टीम को उनसे क्या उम्मीद है।’हरभजन ने कहा, ‘जब आप विदेशी दौरे (खासकर ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका) का दौरा करते हैं तो आपको एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है जो एक छोर से पारी को संवार सके। आपको चेतेश्वर पुजारा की तरह एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है जिसके इर्द-गिर्द दूसरे बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करे।’
रहाणे की तारीफ की
हरभजन ने इस मौके पर टेस्ट टीम में वापसी करने वाले अजिंक्य रहाणे की तारीफ की जिन्होंने डब्ल्यूटीसी फाइनल में 89 और 46 रन की अहम पारियां खेली। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से उन्होंने वापसी की वह शानदार थी। उसने डब्ल्यूटीसी फाइनल में वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया था। वह फिर से उपकप्तान हैं। आपको इन खिलाड़ियों पर विश्वास दिखाने की जरूरत है ताकि वे फिर से अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’











