भोपाल। हमीदिया अस्पताल में नए अधीक्षक की नियुक्ति हो गई है। गांधी मेडिकल कालेज के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डा. सुनीत टंडन को अधीक्षक बनाया गया है। इसके आदेश गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए। डा. सुनीत टंडन सोमवार को अधीक्षक का चार्ज लेंगे।
बता दें कि पूर्व अधीक्षक डा. अशीष गोहिया ने व्यक्तिगत कारणों के चलते करीब एक माह पहले इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से आधीक्षक का पद रिक्त था। इसके चलते अस्पताल संबंधी कामकाज की कई महत्वपूर्ण फाइले लंबित हैं। मार्च के लिए आए बजट से होने वाली खरीदी प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों की पेंशन, वेतन और ग्रेच्युटी के काम अटक गए हैं। मरीजों के भोजन से जुड़े बिल सहित अन्य काम लंबित पड़े हुए हैं।
कब-कब क्यों हटे अधीक्षक
डा. डीके पाल : दिसंबर 2016 में परिसर में पड़े एक लावारशि के शव की आंख को चूहों ने नोच लिया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही मानते हुए डा. पाल को पद से हटा दिया।
डा. दीपक मरावी : दिसंबर 2016 में ही डा.मरावी अधीक्षक बने। सख्त रवैये के चलते उन्हें हटाने के लिए आंदोलन हुए। आखिरकार अप्रैल 2018 में उन्हें हटा दिया गया।
डा. एके श्रीवास्तव : अप्रैल 2018 से जुलाई 2020 तक अधीक्षक रहे। कोरोना संक्रमण में से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की वजह से उन्हें हटा दिया गया था।
डा. आइडी चौरसिया : वह जुलाई 2020 से अप्रैल 2021 तक अधीक्षक रहे। रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने पर उन्हें हटा दिया गया था।
डा. लोकेन्द्र दवे : वह अप्रैल से नवंबर 2021 तक अस्पताल अधीक्षक रहे। शिशु रोग वार्ड में आग लगने की घटना के बाद उन्हें हटा दिया गया था।
डा. दीपक मरावी : दूसरी बार नवंबर 2021 से 27 जून 2022 तक पदस्थ रहे। 50 से ज्यादा नर्सों द्वारा छेड़छाछ का आरोप लगाए जाने के बाद उन्हें पद से हटना पड़ा।
डा. आशीष गोहिया : 27 जून 2022 को हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक बनाए गए थे।











