बढ़ गया सरकार का कुल कर्ज, जून तिमाही में 159.63 लाख करोड़ पर पहुंचा, देखिए क्या कह रहे ये आंकड़े
Updated on
30 Sep 2023, 03:15 PM
नई दिल्ली : सरकार का कुल सकल ऋण (Total gross debt) अप्रैल-जून तिमाही में तिमाही आधार पर 2.2 फीसदी बढ़कर 159.53 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। मार्च के आखिर में सरकार पर कुल सकल कर्ज 156.08 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्रालय की अप्रैल-जून 2023 तिमाही की सार्वजनिक ऋण प्रबंधन रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में सरकार की कुल सकल देनदारियां एक तिमाही पहले की तुलना में 2.2 फीसदी बढ़ गईं।
पब्लिक डेट कुल देनदारियों का 89.5%
अप्रैल-जून तिमाही में सार्वजनिक ऋण सकल देनदारियों का 89.5 फीसदी था। रिपोर्ट कहती है कि सरकार की अलग-अलग अवधि वाली बकाया सिक्योरिटीज में से लगभग 26.6 फीसदी की शेष मैच्योरिटी अवधि पांच साल से कम है।
डेट मैनेजमेंट पर आती है त्रैमासिक रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय के बजट प्रभाग का सार्वजनिक ऋण प्रबंधन प्रकोष्ठ (PDMC) अप्रैल-जून 2010-11 से ही नियमित आधार पर ऋण प्रबंधन पर एक त्रैमासिक रिपोर्ट जारी करता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में केंद्र सरकार ने दिनांकित प्रतिभूतियों के जारी/ निपटान के जरिये 4.08 लाख करोड़ रुपये की सकल राशि जुटाई, जो समायोजन के बाद 2.71 लाख करोड़ रुपये रही।
इश्यूज की वैट एवरेज यील्ड 7.13 %
अप्रैल-जून तिमाही में इश्यूज की वैट एवरेज यील्ड 7.13 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह 7.34 प्रतिशत थी। इश्यू की वैट एवरेज मैच्योरिटी जून तिमाही में 17.58 वर्ष रही जो मार्च तिमाही में 16.58 वर्ष थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैकेंडरी मार्केट में लेनदेन सौदे इस तिमाही में सात से 10 साल की मैच्योरिटी अवधि वाले इश्यूज पर फोकस्ड रहे।