आखिर इस तेज उछाल के पीछे क्या कारण हैं? दरअसल, रिलायंस के अलग-अलग कारोबारों में एक साथ कई अच्छी खबरें आ रही हैं। रिफाइनिंग के मुनाफे में बढ़ोतरी, टेलीकॉम टैरिफ में इजाफा, रिटेल बिजनेस में लगातार मजबूती और भविष्य में कंपनी की वैल्यू को और बढ़ाने वाले कई मौके। ये सब फैक्टर मिलकर इस तेजी को हवा दे रहे हैं। सोमवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। 11.30 बजे यह 0.60% गिरावट के साथ 1536.70 रुपये पर था।
जियो का आईपीओ
जेफरीज ने रिलायंस जियो के लिए अपना टारगेट एंटरप्राइज वैल्यू बढ़ाकर 180 अरब डॉलर कर दिया है। जेफरीज का अनुमान है कि जियो 2026 से 2028 के वित्तीय वर्षों में अपने रेवेन्यू और EBITDA में सालाना 18% और 21% की दर से बढ़ोतरी करेगा। इसके कई कारण हैं। मसलन मोबाइल टैरिफ में लगातार वृद्धि, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस तकनीक के कारण होम ब्रॉडबैंड कारोबार में मजबूत ग्रोथ, एंटरप्राइज के कारोबार का विस्तार और टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से कमाई बढ़ना।टेलीकॉम की कहानी तो बस एक हिस्सा है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने रिलायंस को 'BUY' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 1,735 रुपये रखा है। इसके पीछे रिटेल कारोबार में जबरदस्त मजबूती, न्यू एनर्जी इनिशिएटिव्स में दिख रही प्रगति और मीडिया सेगमेंट का बढ़ता महत्व है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि रिलायंस के विविध ग्रोथ इंजन और बेहतर रिटर्न की उम्मीदों के चलते 2026 से 2028 के वित्तीय वर्षों में कंपनी का प्रति शेयर मुनाफा (EPS) सालाना 15% की दर से बढ़ेगा। कंपनी के फ्री कैश फ्लो यील्ड और रिटर्न रेशियो भी उम्मीद से बेहतर रहने की संभावना है।











