उत्तराखंड में हो रहा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023, धामी सरकार का 2025 तक देश में छा जाने का लक्ष्य

उत्तराखंड में हो रहा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023, धामी सरकार का 2025 तक देश में छा जाने का लक्ष्य
देहरादून: उत्तराखंड सरकार इस वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 (Global Investors Summit) आयोजित करने जा रही है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी के तहत सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में सोमवार देर शाम उद्योग जगत के लोगों से संवाद किया। कार्यक्रम में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई। सीएम धामी ने फिक्की और सीआईआई के साथ भी विचार विमर्श किया और उनके सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार उद्यमियों को हर प्रकार की सहूलियत दे रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को देश में तेजी से विकास करने वाला राज्य बताते हुए कहा कि हमारे उद्यमी राज्य के ब्रांड एंबेसडर हैं। संवाद के दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखने के साथ राज्य में निवेश की भी सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की अर्थ व्यवस्था को USD 5 ट्रिलियन बनाए जाने का लक्ष्य रखा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए सशक्त उत्तराखंड मिशन लॉन्च किया गया है, जिसके अंतर्गत अगले 5 वर्षों में राज्य की जीएसडीपी दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति की कड़ी के रूप में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन कर रही है।

बेहतर निवेश की नींव

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की निवेशक केंद्रीय नीतियां, बुनियादी ढांचे में निवेश, कुशल जनशक्ति की उपलब्धता और गुड गवर्नेस के जरिए राज्य में स्वस्थ निवेश के वातावरण की नींव रखी है। बेहतर योजना संरचना, प्रभावी नीति निर्धारण, नवाचारों का प्रोत्साहन एवं अंतर्विभागीय समन्वय और विकास कार्याें के अनुश्रवण और मूल्यांकन के लिए नीति आयोग की तरह राज्य में सेतु (State Institute for Empowering and Transforming Uttarakhand) का गठन किया गया है।

कुछ अधिनियमों को खत्म करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार भी अनुपयोगी अधिनियमों को हटाने और बदले जाने की कार्यवाही की जा रही है। अब तक लगभग 1250 ऐसे अधिनियमों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से लगभग 500 अधिनियमों को सिंगल रिपील एक्ट के माध्यम से विलोपित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के जरिए निवेशकों को बेहतर और समयबद्ध सुविधाएं देने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के सृजन और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) का गठन किया गया है।

उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दृश्टि से सशक्त राज्य की परिकल्पना आज सभी राज्य कर रहे हैं। हमने भी उत्तराखंड को साल 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हम सामुहिक प्रयासों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी की अवधारणा सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ईज आफ डूईंग बिजनेस के साथ-साथ पीस आफ डूईंग बिजनेस भी है। उत्तराखंड राज्य में कार्यरत उद्योगों में श्रमिक असंतोष की घटनाए न के बराबर हैं। श्रमिक असंतोष के कारण उद्योगों में मानव श्रम का ह्रास देश में सबसे कम है। उत्तराखंड में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 22 प्रतिशत कम अपराध दर है।

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