गिरिराज सिंह ने सुनाया वो किस्सा, नीतीश को लेकर भी किया चौंकाने वाला दावा
पटना : 'कैलाशपति मिश्र ना होते तो लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री नहीं होते।' बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ये दावा किया है। पटना में आयोजित कैलाशपति मिश्र के जन्म शताब्दी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेगूसराय सांसद ने पूरा वाक्या सुनाया। उन्होंने कहा कि मैं उसका चश्मदीद गवाह हूं जब राजेंद्र नगर में 1990 के दौरान लालू यादव आए थे। अगर है हिम्मत तो लालू यादव मेरी बात को काट दें। 1990 में जब लालू यादव आए थे तो उन्होंने कैलाशपति मिश्र से कहा था कि हम चपरासी के भाई हैं। मुझे समर्थन पत्र लिखकर दे दीजिए, नहीं तो ये लोग मुझे बनने नहीं देंगे।'अगर है हिम्मत तो लालू यादव मेरी बात को काट दें'
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव आज जो कुछ भी हैं वो कैलाशपति मिश्र ने समर्थन पत्र लिख दिया इसलिए हैं। राजधानी पटना के बापू सभागार में बीजेपी कैलाशपति मिश्र (Kailashpati Mishra Birth Anniversary) की 100वीं जयंती समारोह में मनाया गया। इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी पहुंचे। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने लालू यादव के सीएम बनने से जुड़ा पूरा किस्सा सुनाया।गिरिराज बोले- मैं चश्मदीद गवाह
गिरिराज सिंह ने अपनी बात शुरू करते हुए दिग्गज बीजेपी नेता सुशील मोदी का जिक्र किया। सुशील मोदी ने कहा कि मंडल भी मेरा और कमंडल भी मेरा। इसमें आगे यही कहूंगा कि अगर कैलाशपति मिश्र ना होते तो आज लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री नहीं बनते। मैं उसका चश्मदीद गवाह हूं। राजेंद्र नगर में जब 1990 में लालू यादव आए थे कैलाशपति मिश्र से समर्थन पत्र मांगा था। अगर है हिम्मत तो वो मेरी बात को काट दें।
नीतीश पर भी गिरिराज का करारा वार
गिरिराज सिंह ने लालू यादव के बाद नीतीश कुमार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भी बीजेपी ने ही मुख्यमंत्री बनाया। इस दौरान उन्होंने नारे भी लगवाए, कहा कि सभी सनातन हिंदू एक होंगे, बोलिए जय श्री राम। बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कैलाशपति मिश्र के जन्मशताब्दी पर उनकी पुत्रवधू दिलमणि देवी को पार्टी की सदस्यता दिलाई।











