मोबाइल, ईवी और मिसाइल तक में होगा इस्तेमाल
रेयर अर्थ मेटल और टाइटेनियम का उपयोग मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण, ड्रोन, एयरोस्पेस और मिसाइल तकनीक में होता है।
अब तक भारत इन धातुओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है, लेकिन भोपाल का यह थीम पार्क देश में रिसर्च, उत्पादन और प्रोसेसिंग को नई दिशा देगा।
मोबाइल, ईवी और मिसाइल तक में होगा इस्तेमाल
रेयर अर्थ मेटल और टाइटेनियम का उपयोग मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण, ड्रोन, एयरोस्पेस और मिसाइल तकनीक में होता है।
अब तक भारत इन धातुओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है, लेकिन भोपाल का यह थीम पार्क देश में रिसर्च, उत्पादन और प्रोसेसिंग को नई दिशा देगा।
IREL ने तैयार किया पार्क
यह थीम पार्क परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सरकारी कंपनी इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) ने विकसित किया है। यहां टाइटेनियम, ज़िरकोनियम और नियोडिमियम, प्रेज़ियोडिमियम व समैरियम जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर काम होगा।
यहां पुराने मैग्नेट से कीमती धातुएं निकालकर उन्हें दोबारा उपयोग में लाने की तकनीक भी विकसित की जाएगी। अभी इस क्षेत्र में चीन को दुनिया का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है।
रिसर्च, स्टार्टअप और युवाओं को मिलेगा मंच
पार्क में अत्याधुनिक लैब, टेस्टिंग सेंटर और तकनीकी सहयोग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्टार्टअप्स, इंजीनियरिंग विशेषज्ञों और शोध संस्थानों को बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक टाइटेनियम हल्का, मजबूत और जंगरोधी धातु है, जिसकी मांग रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष और मेडिकल सेक्टर में तेजी से बढ़ रही है।
विदेशों पर निर्भरता कम होगी
रेयर अर्थ की मदद से ही फ्यूचर मेटल बनेगा। भविष्य इसी मेटल का है। इस मामले में हम दूसरे देशों पर निर्भर रहे हैं। भोपाल में स्थापित थीम पार्क बड़ी सौगात है। देश को आत्म निर्भर बनाने में मदद मिलेगी।- डॅा. बीएस तलवार, प्रभारी, थीम पार्क











