फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने इसी महीने (4–7 मार्च) भारत का दौरा किया था। स्टब नई दिल्ली में 'रायसीना डायलॉग 2026' में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को रोका जाना जरूरी है और इसमें भारत जैसे देशों की भूमिका अहम हो सकती है।
भारत पर दोनों पक्षों का भरोसा
ईरान में युद्ध से हो रही तबाही और सीजफायर की कोशिश के सवाल पर स्टब ने कहा, 'हमें युद्धविराम की जरूरत है। मैं सोच रहा हूं कि क्या यूरोप और असल में भारत इसमें शामिल हो सकता है। हमने हाल में देखा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने हालात शांत करने के लिए युद्धविराम की अपील की। मुझे लगता है कि ये हो सकता है क्योंकि नई दिल्ली पर दोनों पक्षों का भरोसा है।'ईरान युद्ध के 18 दिन
अमेरिका-इजरायल गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान में हवाई हमले शुरू किए थे। इजरायल और अमेरिका के हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेता और सीनियर कमांडर मारे गए हैं। वहीं 165 बच्चियों समेत 1300 से ज्यादा आम लोगों की जान भी ईरान में गई है। ईरान में जान के साथ-साथ माल का भी भारी नुकसान हुआ है।ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में मिसाइल और ड्रोन से अटैक किए हैं। ईरान ने इजरायल में मिसाइल दागी हैं तो खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन अटैक हुए हैं। ईरान ने होर्मुज के समुद्री गलियारे को भी बंद कर दिया है। इससे भारत समेत कई देशों में तेल-गैस की सप्लाई में रुकावट है।











