भारत के मिडिल ईस्‍ट कॉरिडोर का डर अचानक से तुर्की पहुंचे पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख, एर्दोगान से म‍िले

भारत के मिडिल ईस्‍ट कॉरिडोर का डर अचानक से तुर्की पहुंचे पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख, एर्दोगान से म‍िले
अंकारा: भारत के अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई के साथ मिलकर मिडिल ईस्‍ट कॉरिडोर के ऐलान के बाद पाकिस्‍तान की सरकार देश में चौतरफा घिरी हुई है। पाकिस्‍तानी जनता और देश के व‍िश्‍लेषक सऊदी प्रिंस के नहीं आने को बेइज्‍जती के रूप में ले रहे हैं और वे देश को पर्दे के पीछे से सत्‍ता चला रही सेना पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अचानक से तुर्की पहुंच गए हैं और उन्‍होंने राष्‍ट्रपति एर्दोगान से लेकर तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की है। यह वही एर्दोगान हैं जिन्‍होंने भारत के मिडिल ईस्‍ट कॉरिडोर को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि तुर्की के बिना यह कॉरिडोर संभव नहीं है।

पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक जनरल मुनीर ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए तुर्की की सेना की तारीफ की। पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख ने तुर्की के साथ पाकिस्‍तान की दोस्‍ती को और मजबूत करने पर जोर दिया। पाकिस्‍तानी सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि जनरल मुनीर ने तुर्की के राष्‍ट्रपति, व‍िदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। एर्दोगान के साथ मुलाकात के दौरान पाकिस्‍तानी आर्मी चीफ ने रक्षा भागीदारी बढ़ाने और ट्रेनिंग सहयोग पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि तुर्की ने पाकिस्‍तानी सेना के इंजीनियरों की तारीफ की।

तुर्की पाकिस्‍तान को देता है घातक हथियार


जनरल मुनीर ने कहा, 'पाकिस्‍तान और तुर्की के बीच बहुत मज‍बूत दोस्‍ती है जो समय के कसौटी पर सही साबित हुई है।' पाकिस्‍तान और तुर्की के बीच बहुत गहरे रक्षा संबंध हैं। पाकिस्‍तान तुर्की से यूक्रेन और आर्मीनिया में तबाही मचा चुके टीबी-2 ड्रोन खरीद रहा है। यही नहीं तुर्की पाकिस्‍तान और अजरबैजान के साथ मिलकर पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट को व‍िकसित करना चाहता है। जनरल मुनीर और एर्दोगान के बीच यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब तुर्की के राष्‍ट्रपति भारत में हुए जी20 सम्‍मेलन से लौटे हैं।

जी20 शिखर सम्‍मेलन के ठीक बाद जनरल मुनीर का तुर्की पहुंचना काफी मायने रखता है। जी20 शिखर सम्‍मेलन के दौरान पाकिस्‍तान को कई झटके लगे थे। पाकिस्‍तान दावा करता है कि सऊदी अरब उसका मुस्लिम भाई है लेकिन सऊदी प्रिंस ने इस्‍लामाबाद की यात्रा करने से इंकार कर दिया। वह भी तब जब जनरल मुनीर ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी कि सऊदी प्रिंस किसी तरह से आ जांए। यही नहीं भारत ने खाड़ी देशों के साथ म‍िडिल ईस्‍ट कॉरिडोर का ऐलान किया है जो तुर्की और पाकिस्‍तान दोनों को ही पच नहीं रहा है। पाकिस्‍तान चीन के बीआरआई प्रॉजेक्‍ट के तहत बन रहे सीपीईसी के खिलाफ इस कॉर‍िडोर को देख रहा है।

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