थाने में हमला होने की थी आशंका
मंत्री पुत्र एवं साथियों की ओर से मारपीट में घायल चार लोगों को उपचार कराने पुलिस जेपी अस्पताल ले गई थी। इधर, बेटे के थाने पहुंचने की सूचना मिलने पर मंत्री पटेल भी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे। मेडिकल होने के बाद पुलिस जब उन्हें वापस थाने लाने की तैयारी कर रही थी, तभी थाने से पहुंची सूचना के बाद पुलिस ने फरियादियों को अस्पताल में ही रोक लिया।
दरअसल आशंका जताई गई थी कि थाने में उन पर फिर हमला हो सकता है। यही वजह है कि मंत्री और उनके समर्थकों के जाने के बाद घायलों को लेकर रात एक बजे पुलिस थाने पहुंची। इस मामले में पुलिस ने उभयपक्षीय केस दर्ज किया है। साथ ही मंत्री द्वारा बेटे के साथ थाने में मारपीट करने का आरोप लगने के बाद एक एसआइ सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
सीसीटीवी फुटेज भी आए सामने
शाहपुरा थाना इलाके में त्रिलंगा स्थित अम्मा-बाबूजी रेस्टोरेंट के सामने मंत्री पुत्र ने अपने साथियों के साथ जमकर आतंक मचाया था। इस मामले में शनिवार रात एक बजे रेस्टोरेंट संचालिका अलिसा सक्सेना की शिकायत पर अभिज्ञान व अन्य के खिलाफ मारपीट करने का केस दर्ज किया गया है। प्रशांत द्विवेदी की शिकायत पर रेस्टोरेंट संचालक व अन्य के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में मारपीट के दौरान के सीसीटीवी फुटेज भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुए, जिसमें युवक मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
मंत्री का बेटा हूं, तुझे सस्पेंड करा दूंगा
मारपीट का शिकार बने विवेक सिंह ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक सोनू मार्टिन के सिर में गंभीर चोट लगी थी। सोनू की पत्नी अलिसा और कुक सीताराम को भी चोट लगी थी। सभी लोग शिकायत करने थाने पहुंचे थे। उन्हें मेडिकल के लिए जेपी अस्पताल पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी, तभी अभिज्ञान ने थाने पहुंचकर अलिसा और उनके पति से गाली-गलौज करना शुरू कर दी। पुलिस ने जब उसे समझाने की कोशिश की तो अभिज्ञान ने बोला तुम कौन? मंत्री का बेटा हूं तुझे सस्पेंड करवा दूंगा।
रात साढ़े नौ बजे मेडिकल होने के बाद वापस थाने जाने की तैयारी चल रही थी, तभी थाने से पुलिसकर्मी के पास फोन पर सूचना आई कि अभी उन लोगों को थाने मत लाना यहां काफी लोग मौजूद हैं। इसके बाद उन लोगों को रात एक बजे थाने लाया गया। उसके बाद शिकायत दर्ज की गई। उधर, मामले में पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने शाहपुरा थाने के एसआइ जयसिंह, एएसआइ कन्हैयालाल, आरक्षक आशीष त्यागी एवं नरेश गुर्जर को निलंबित कर दिया है। इस मामले में पक्ष जानने के लिए लगातार दूसरे दिन मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से संपर्क के प्रयास किए गए लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।











